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सरयू राय ने कड़े लहजे में चेताया, आप अपनी करनी से जाएंगे जेल; जासूसी पर सियासी भूचाल

रांची। पूर्व मंत्री व जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों की जांच की पुष्टि के बाद ट्वीट किया है। राय ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने आज तक एक बार भी सरकार में शीर्ष पद पर बैठे किसी व्यक्ति पर ऐसा आरोप नहीं लगाया, जो गलत साबित हुआ हो। उनके आरोपों की जांच के बाद मुकदमा होने पर कोई जेल जाता है तो अपनी करनी से जाता है, उनके आरोप के कारण नहीं। उन्होंने सवाल भी खड़ा किया है कि इस तरह का कृत्य करने वाला भला जेल नहीं जाएगा तो कौन जाएगा।

गौरतलब है कि पूर्व मंत्री सरयू राय ने रघुवर सरकार पर जासूसी कराने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि रघुवर सरकार में गोंदा थाने के पीछे विशेष शाखा का एक अवैध कार्यालय चल रहा था, जहां एक निजी व्यक्ति उसका संचालन कर रहा था और सरकार के इंस्पेक्टर, डीएसपी व सुरक्षा गार्ड उसके अधीन कार्य कर रहे थे।

उनका यह भी आरोप था कि विशेष शाखा के लोग सरकार की शह पर उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे, उनकी जासूसी कर रहे थे। उनके फोन टैप कर रहे थे। इस मामले में उन्होंने डीजीपी व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच एसआइटी से कराने को कहा था। पुलिस मुख्यालय के आदेश पर जांच में पूर्व मंत्री सरयू राय के सभी आरोपों की पुष्टि हो चुकी है।

एक साल बाद भी डीएसपी के खिलाफ नहीं मिली जांच की अनुमति

आय से अधिक संपत्ति के आरोपित डीएसपी अनिल कुमार सिंह के विरुद्ध एक साल बाद भी प्रारंभिक जांच (पीई) की अनुमति नहीं मिली है। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक साल के भीतर मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग से कई बार पत्राचार भी किया है। अब जाकर मंत्रिमंडल निगरानी विभाग ने सक्रियता दिखाई है और गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र लिखकर डीएसपी के खिलाफ पीई दर्ज करने के बिंदु पर मंतव्य मांगा है।

डीएसपी अनिल कुमार सिंह के खिलाफ मिली शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अपनी विशेष टीम से मामले का सत्यापन कराया था। सत्यापन रिपोर्ट एसीबी को 12 मार्च 2019 को मिली थी। इसमें यह भी जानकारी मिली थी कि डीएसपी का एक मकान रांची के चुटिया में पूरन तालाब के समीप अंडरग्राउंड से लेकर तीन मंजिला तक है। इसके समीप ही एक अन्य मकान निर्माणाधीन है।

डीएसपी अनिल कुमार सिंह पर आरोप है कि वे चाईबासा में मेजर सह डीएसपी के पद पर थे। भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित हुए थे। ये करोड़ो रुपये के मकान व गाड़ी के मालिक हैं। चुटिया के पूरन तालाब के पास 25 लाख रुपये में मकान खरीदे थे, जिसे तोड़कर तीन मंजिला मकान बनाया। उसके पास एक अन्य मकान भी बनवा रहे हैं। मामला मुख्यमंत्री जन संवाद में भी पहुंचा था, जिसके बाद ही एसीबी को जांच का आदेश दिया गया था।

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