Haryana Corruption Case: 504 करोड़ के बैंक घोटाले में आईएएस पंकज अग्रवाल पर सीबीआई का शिकंजा; 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट

चंडीगढ़: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को एक बड़े सरकारी धनराशि गबन मामले में गिरफ्तार किया है। उन पर स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में प्रधान सचिव रहने के दौरान लगभग 60.54 करोड़ रुपये के फंड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है। सीबीआई ने ठोस सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की है।
🏦 आईडीएफसी बैंक घोटाला और सरकारी फंड की हेराफेरी
जांच में खुलासा हुआ है कि ये खाते हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के मौजूदा नियमों का उल्लंघन करके IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ सेक्टर-32 ब्रांच में खोले गए थे। इन खातों में तय सीमा से अधिक फंड ट्रांसफर किया गया और बाद में धोखाधड़ी के जरिए शेल कंपनियों में भेजा गया। यह घोटाला कुल 504 करोड़ रुपये के एक बड़े वित्तीय अपराध का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार के 8 विभागों को निशाना बनाया गया था।
📂 अब तक 17 आरोपियों पर सीबीआई का शिकंजा
इस बड़े घोटाले में सीबीआई ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें:
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IDFC फर्स्ट बैंक/AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 अधिकारी शामिल हैं।
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हरियाणा सरकार के 3 सरकारी कर्मचारी और 2 कंपनियां भी जांच के दायरे में हैं।
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इसके अलावा 6 अन्य संदिग्ध लोगों को भी नामजद किया गया है।
⚖️ अन्य मामलों में भी सीबीआई की सक्रियता
सीबीआई केवल इसी मामले तक सीमित नहीं है। पंचकूला नगर निगम फंड मामले में वरिष्ठ आईएएस आर. के. सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। साथ ही, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी (CSCL) और CREST से जुड़े मामलों में भी सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है। इन मामलों में बैंक अधिकारियों के साथ-साथ कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।






