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फोन टैपिंग मामले में रवींद्र राय बोले, सरकार श्‍वेत पत्र लाकर सच को सामने लाए

रांची। राज्य की पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार पर लगे फोन टैपिंग के आरोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर लोग दो धड़ों में बंटे हुए दिखाई दे रहे हैं। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रवींद्र राय भी अब इसमें कूद पड़े हैं। उन्होंने कहा है कि जासूसी और फोन टैपिंग की बातों को जिस तरह जोर-शोर से पेश किया जा रहा है, अगर वह सही है तो सरकार इस मामले पर श्वेतपत्र लाए, नहीं तो माना जाएगा कि यह सब भाजपा को बदनाम करने की घृणित कोशिश है।

राय ने यह भी कहा है कि सच को छुपाया न जाए, जो भी सत्य है वह सामने आए। दूसरी ओर, पूर्व सांसद और आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. अजय कुमार ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में एसआइटी का गठन कर जांच कराई जाए। शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में डॉ. अजय कुमार ने कहा है कि झारखंड में 400 से अधिक लोगों के फोन अवैध रूप से रिकॉर्ड किए गए जो कि चिंता का विषय हैं।

तत्कालीन मुख्यमंत्री के करीबी कुछ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों के द्वारा शक्तियों का अनुचित प्रयोग करते हुए अवैध कमाई, भ्रष्टाचार, राजनीतिक प्रतिशोध तथा आपराधिक कृत्यों को संरक्षण देने का कार्य किया गया जो कि जघन्य अपराध है। लोगों को डराने-धमकाने से लेकर खूंटी जिले से संबंधित मामले में राज्य के गणमान्य लोगों तक पर प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने आग्रह किया है कि एक सक्षम आइपीएस के नेतृत्व में एसआइटी का गठन कर समयबद्ध जांच कराई जाए।

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