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मध्यप्रदेश

बालाघाट: शराब दुकान हटाने की मांग पर अड़ी महिलाएं, आंदोलन में बाधा डालने वाले शराबी पति को सिखाया सबक

बालाघाट के बूढ़ी इलाके में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का आंदोलन अब चर्चा का विषय बन गया है। यहां पिछले 80 दिनों से महिलाएं धरने पर बैठी हैं, लेकिन 29 जून की शाम आंदोलन स्थल पर उस समय अजीब स्थिति बन गई जब एक महिला ने अपने ही शराबी पति को खंभे से बांध दिया। आरोप है कि पति संजू चौधरी नशे में धुत होकर वहां पहुंचा और मौजूद महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा।

🚫 आंदोलन को कमजोर करने का आरोप

आंदोलनकारी महिलाओं का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं। जब उनकी पत्नी ने संजू चौधरी को समझाने की कोशिश की, तो वह नहीं माना। आक्रोशित पत्नी ने अन्य महिलाओं की मदद से उसे बीच सड़क पर खंभे से बांध दिया और विरोध स्वरूप उसके मुंह पर टेप चिपका दी। महिला ने स्पष्ट कहा कि वह खुद इस लड़ाई का हिस्सा है और अपने ही पति को आंदोलन को कमजोर करने की इजाजत नहीं देगी।

👮 पुलिस की दखल के बाद शांत हुआ मामला

इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और संजू चौधरी को मुक्त कराया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

“हम परिवार को टूटने से बचाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं। जब हमारे ही घर के लोग शराब पीकर इस आंदोलन को कमजोर करेंगे, तो हम उन्हें बख्शेंगे नहीं।” — आंदोलनकारी महिलाएं

📢 नशे के खिलाफ जारी है ‘महाभारत’

बूढ़ी क्षेत्र की महिलाओं का संकल्प अडिग है। 45 वर्षों से संचालित इस शराब की दुकान के कारण क्षेत्र में बढ़ती घरेलू हिंसा और नशे के दुष्प्रभाव से परेशान महिलाएं अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक यहां से शराब की दुकान पूरी तरह नहीं हटाई जाती, तब तक यह धरना अनवरत जारी रहेगा।

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