ब्रेकिंग
फरीदाबाद में सनसनीखेज वारदात: पुलिस चौकी के पास महिला टीचर की दिनदहाड़े चाकू गोदकर हत्या, आरोपी फरार हरियाणा के छोटे शहरों के लिए पहली बार नई टाउन प्लानिंग नीति लागू: बिना लाइसेंस नहीं कटेंगे प्लॉट, बद... झारखंड विधानसभा मानसून सत्र: स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, 1390 आश्वासनों पर जवाब... रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में गूंजा 'हर-हर महादेव': सावन की पहली सोमवारी पर तड़के 3:30 बजे से उ... JPSC धांधली में CID का पलामू में बड़ा एक्शन: 2 शिक्षकों के ठिकानों पर देर रात छापेमारी, कई डिजिटल एव... जमशेदपुर में फिर गोलीबारी: बर्मामाइंस में युवक आफताब खान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, हालत गंभीर; टीएमएच से... रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ी पर CBI जांच की मांग: बारिश के बीच जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम ... रांची अपर बाजार में नगर निगम के नोटिस पर भड़के व्यापारी: 12 बजे तक बंद रहीं दुकानें, पार्किंग और नक्... लोहरदगा का अखिलेश्वर धाम: जिसके 'कण-कण' में बसते हैं शिव, सावन में 3 फीट ऊंचे नीले शिवलिंग के दर्शन ... झारखंड 14th JPSC विवाद: परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र, CID की दबिश तेज; जानें ...
छत्तीसगढ़

रामानुजगंज इंटर स्टेट चेकपोस्ट पर गड्ढों का अंबार: गाड़ियों में टूट-फूट और दुर्घटनाओं का डर, स्थानीय लोगों ने की मरम्मत की मांग

बलरामपुर-रामानुजगंज (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य को जोड़ने वाले रामानुजगंज स्थित कन्हर नदी इंटर स्टेट चेकपोस्ट (कन्हर बैरियर) पर सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों से आम नागरिक और वाहन चालक बुरी तरह परेशान हैं।

कन्हर पुल से ठीक पहले चेकपोस्ट पर बने ये गहरे गड्डे आए दिन भीषण सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय चेकपोस्ट मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े मालवाहक व यात्री वाहनों की निरंतर आवाजाही होती है, किंतु जर्जर सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

🌧️ बारिश के पानी से लबालब भरे रहते हैं गड्ढे, वाहनों में टूट-फूट और दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा

बलरामपुर-रामानुजगंज के इस इंटर स्टेट चेकपोस्ट पर बने गड्ढों का आकार बारिश के मौसम में और अधिक विकराल हो गया है।

लगातार हो रही वर्षा के कारण इन गड्ढों में जलभराव रहता है, जिससे वाहन चालकों को गड्ढों की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता। परिणामस्वरूप, दोपहिया व चारपहिया वाहन अचानक गहरे गड्ढों में समाकर अनियंत्रित हो जाते हैं और दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। इसके साथ ही वाहनों के सस्पेंशन, बॉडी और कलपुर्जों में भारी टूट-फूट व क्षति पहुंच रही है।

💬 “गाड़ियों के पलटने का बना रहता है डर, रोजाना लगता है जाम”: स्थानीय नागरिकों का छलका दर्द

इस रास्ते से प्रतिदिन गुजरने वाले स्थानीय युवा प्रदीप कश्यप ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि, “छत्तीसगढ़ और झारखंड के इस महत्वपूर्ण बॉर्डर पर सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय है। गड्ढों में पानी भरा रहने से गहराई समझ नहीं आती, जिससे गाड़ियां तिरछी होकर पलटने लगती हैं और बॉडी में डेंट आ जाते हैं। लगातार वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और सड़क खराब होने की वजह से यहाँ हर समय लंबा जाम लगा रहता है।”

🛺 “सवारियों के गिरकर घायल होने का रहता है भय”: ऑटो चालकों ने उठाई शीघ्र मरम्मत की मांग

प्रतिदिन ऑटो चलाने वाले स्थानीय चालक सुरेंद्र यादव ने अपनी समस्या साझा करते हुए कहा कि, “हम हर दिन सवारियों को लेकर इस कन्हर चेकपोस्ट के रास्ते से आवाजाही करते हैं। यहाँ घुटने के बराबर गहरे-गहरे गड्ढे बन चुके हैं। जब हम ऑटो में सवारियां बैठाकर निकलते हैं तो हमेशा यह डर सताता रहता है कि कहीं झटके से कोई सवारी नीचे न गिर जाए या ऑटो न पलट जाए। शासन-प्रशासन से हमारी मांग है कि इन जानलेवा गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए।”

🚚 आरटीओ, मंडी, फॉरेस्ट और पुलिस बैरियर के बावजूद बदहाल सड़क, बड़े हादसों का अंदेशा

उल्लेखनीय है कि रामानुजगंज के इस संवेदनशील इंटर स्टेट चेकपोस्ट पर परिवहन (RTO), कृषि उपज मंडी, वन विभाग (Forest), खनिज विभाग और आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहाँ सदैव पुलिस बल भी मौजूद रहता है। इस अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय मार्ग से झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों को जाने वाले बड़े मालवाहक ट्रकों व कंटेनरों को दस्तावेजों की जांच व प्रविष्टि हेतु रुकना पड़ता है। इसके बावजूद चेकपोस्ट परिसर में मूलभूत सड़क मरम्मत न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है।

Related Articles

Back to top button