ब्रेकिंग
Raipur Crime News: सूने मकानों को निशाना बनाने वाले चोर गिरोह का पर्दाफाश, 7 लाख के जेवरात के साथ 3 ... Bastar Dussehra 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर में की शिरकत, आदिवासियों से जल-जंगल बचाने क... CM Vishnu Deo Sai on Congress: सीएम विष्णु देव साय का कांग्रेस पर हमला, बोले- आदिवासियों को सिर्फ वो... Power Plant Coal Supply: देश में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए रेलवे की रफ्तार तेज, कोयला लदान में भार... Chirmiri Road Accident: बड़ा बाजार में अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, कई लोग घायल; अस्पता... Chhindwara News: आजीविका मिशन ने बदली ग्रामीण महिलाओं की किस्मत, समता समन्वयक दीपिका और देवी बनीं आत... Jabalpur News: नगर निगम स्कूल के गरीब बच्चों ने भरी उड़ान, 85% से ज्यादा अंक लाने पर मिला फ्री हवाई ... MP Weather Update: मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, इन जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट; पचमढ़ी म... Sheopur News: जयपुर की रंजिश ने लिया खूनी रूप, मौत के बाद श्योपुर-सवाई माधोपुर हाईवे पर शव रखकर प्रद... Bhopal Road Accident: एयरपोर्ट रोड पर बड़ा हादसा, अनियंत्रित होकर 20 फीट नीचे सर्विस लेन पर गिरा तेज...
देश

यूपी में शुरू होंगी इमरजेंसी सेवाएं, मरीज कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लेकर आएगा तभी देखेंगे डॉक्टर

लखनऊ। यूपी के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में ट्रॉमा, इमरजेंसी व सेमी इमरजेंसी सेवाओं में इलाज के लिए मरीज का कोरोना टेस्ट निगेटिव होना जरूरी है। यही नहीं उसके साथ जो तीमारदार आ रहा है उसकी रिपोर्ट भी निगेटिव होनी चाहिए। तभी डॉक्टर मरीज को देखेंगे व जांच करेंगे अन्यथा नहीं। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने नॉन कोविड अस्पतालों में इलाज के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे ने बताया कि टेलीमेडिसिन या ई-ओपीडी में चिह्नित मरीजों को सेम इमरजेंसी में इलाज के लिए एक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। उसे मेडिकल कॉलेज आने पर सैंपल कलेक्शन सेंटर का स्थान बताया जाएगा। सभी मरीजों को सलाह दी गई है कि अस्पताल में आने पर उसका व उसके तीमारदार की रियल टाइम पीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव होना चाहिए। इसके लिए वह इंडियल काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) से अनुमोदित प्रयोगशाला से वह जांच करवाकर आ सकते हैं।

अस्पताल में आने पर शारीरिक दूरी के नियमों, थर्मल स्कैनिंग आदि का पालन करते हुए ट्रायज एरिया में देखा जाएगा। मरीज को चिकित्सालय में निर्धारित कक्ष में अपने रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ कोविड-19 जांच करवानी होगी। जांच निगेटिव आने पर ओपीडी क्षेत्र जो अब सेमी इमरजेंसी होगा, उसमें उसे देखा जाएगा। प्रत्येक अस्पताल में सेमी इमरजेंसी एरिया का निर्धारण विभागवार किया जाएगा।

प्रवेश पर रोगी व तीमारदार की आरटी पीसीआर जांच निगेटिव होने की पुष्टि की जाएगी। निगेटिव रिपोर्ट वाले मरीजों का संबंधित ओपीडी केबिन में विशेषज्ञ जांच करेंगे। जरूरत के अनुसार उन्हें पैथोलाजी व रेडियोलाजी जांच के लिए भेजा जाएगा। सेमी इमरजेंसी वाले मरीज को अगर भर्ती होना पड़ा तो एक से अधिक तीमारदार की आवश्यकता होती है तो वो तीमारदार कोविड-19 की जांच आइसीएमआर से अनुमोदित प्रयोगशाला से करवाकर आ सकते हैं। राजकीय चिकित्सालयों में छूट पर भी जांच करवाई जा सकती है।

अस्पतालों के प्रवेश से लेकर निकासी तक सभी डॉक्टर, मरीजों व तीमारदारों को शारीरिक दूरी का पालन, सैनिटाइजेशन व मास्क आदि लगाने जैसी सर्तकता बरतनी होगी। सेमी इमरजेंसी एरिया में बिजली, जल आपूर्ति व अन्य अनिवार्य सेवाएं दी जाएंगी।

Related Articles

Back to top button