हिमाचल के 36 मंदिरों में 419 करोड़ का चढ़ावा: बाबा बालक नाथ मंदिर सबसे आगे, विधानसभा में पेश हुए आंकड़े

शिमला (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 36 प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा करोड़ों रुपये की धनराशि दान और चढ़ावे के रूप में अर्पित की गई है। राज्य सरकार ने विधानसभा में आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए जानकारी दी कि 1 जनवरी 2024 से 1 अगस्त 2026 के मध्य प्रदेश के 36 सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में कुल 419.88 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने एक लिखित प्रश्न के उत्तर में मंदिर फंड के उपयोग और उसके आवंटन का पूरा ब्योरा सदन के समक्ष रखा।
🐄 50% चढ़ावा गौसदनों के निर्माण और संचालन पर खर्च, पुजारियों के वेतन में भी हिस्सेदारी
मंदिर फंड के उपयोग का विवरण:
-
गौसदनों को बड़ा हिस्सा: कांग्रेस विधायक केवल सिंह के प्रश्न पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एकत्रित कुल चढ़ावे का 50 प्रतिशत हिस्सा गौसदनों (गौशालाओं) के निर्माण, संवर्धन और रखरखाव के लिए निर्धारित किया गया है।
-
रखरखाव व वेतन: शेष धनराशि का उपयोग मंदिरों के बुनियादी ढांचे के विकास, सौंदर्यीकरण, नियमित साफ-सफाई, लाइटिंग व्यवस्था, पारंपरिक मेलों, धार्मिक आयोजनों तथा पुजारियों व मंदिर कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए किया जाता है।
-
खर्च के नियम: डिप्टी सीएम ने बताया कि मंदिर फंड को खर्च करने के लिए वर्तमान में कोई पृथक कानूनी नियम लागू नहीं हैं और न ही सरकार अभी इस विषय में कोई नया नियम बनाने पर विचार कर रही है।
🔱 किस मंदिर में कितना आया चढ़ावा? देखें प्रमुख धामों की सूची
राज्य के प्रमुख मंदिरों में प्राप्त चढ़ावे के आंकड़े:
-
बाबा बालक नाथ मंदिर (दियोटसिद्ध, हमीरपुर): 99.19 करोड़ रुपये (प्रदेश में सर्वाधिक)
-
श्री नैना देवी मंदिर (बिलासपुर): 86.94 करोड़ रुपये
-
माता चिंतपूर्णी मंदिर (ऊना): 85.72 करोड़ रुपये
-
ज्वाला जी मंदिर (ज्वालामुखी, कांगड़ा): 36.57 करोड़ रुपये
-
माता बाला सुंदरी मंदिर (त्रिलोकपुर, सिरमौर): 28.99 करोड़ रुपये
✈️ मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के विदेश दौरों पर ₹20 करोड़ खर्च
विदेश यात्राओं से संबंधित आधिकारिक जानकारी:
-
खजाने पर व्यय: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा विधायक राकेश जमवाल और रणधीर शर्मा के लिखित सवाल के जवाब में बताया कि जनवरी 2023 से जुलाई 2026 के बीच विदेश यात्राओं पर सरकारी खजाने से लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
-
यात्रा में शामिल प्रतिनिधि: इस बजट में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों, सत्तापक्ष व विपक्ष (कांग्रेस-भाजपा) के विधायकों और विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों के आधिकारिक विदेश दौरे शामिल रहे।
💼 पंचायत चौकीदार के 556 पद समाप्त, नियुक्त होंगे 400 मल्टी-टास्क वर्कर
प्रशासनिक सुधार और बजट बचत:
-
पद समाप्ति का निर्णय: पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बड़सर से विधायक आईडी लखनपाल के प्रश्न के उत्तर में बताया कि विभाग द्वारा पंचायत चौकीदारों के 556 पद आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिए गए हैं।
-
मल्टी-टास्क वर्कर की भर्ती: चौकीदारों द्वारा किए जाने वाले दैनिक कार्यों के संपादन के लिए 400 नए मल्टी-टास्क वर्कर्स की नियुक्ति की जाएगी।
-
वित्तीय बचत: सरकार के इस पुनर्गठन और सुधारात्मक कदम से राज्य के खजाने को सालाना करीब 1.70 करोड़ रुपये की वित्तीय बचत होगी।





