कोरबा में दिल दहला देने वाला हादसा: बाड़ी में खेलते समय खुले कुएं में गिरा 3 साल का मासूम, डूबने से मौत

कोरबा (छत्तीसगढ़): कोरबा जिले के अंतर्गत आने वाले दार्दखुर्द पुरानी बस्ती क्षेत्र से एक अत्यंत हृदयविदारक एवं दुखद दुर्घटना सामने आई है। घर के पास बाड़ी में खेल रहा करीब 3 वर्ष का एक मासूम बच्चा अचानक खुले कुएं में गिर गया, जिससे पानी में डूबने के कारण उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद परिजन बच्चे को गंभीर हालत में लेकर कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि कुएं में गिरने के बाद बच्चा लगभग आधे घंटे तक पानी के भीतर ही फंसा रहा, जिससे मौके पर ही उसकी सांसें उखड़ चुकी थीं।
⏰ शनिवार सुबह 11 से 12 बजे के बीच घटी घटना, पलक झपकते ही हुआ हादसा
दुर्घटना का समय और प्राथमिक विवरण:
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मृतक मासूम की पहचान: मृतक बच्चे की पहचान 3 वर्षीय अभियांक पटेल पुत्र शतानंद (सदानंद) पटेल के रूप में हुई है।
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हादसे का समय: यह दर्दनाक घटना शनिवार सुबह लगभग 11:00 से 12:00 बजे के बीच घटित हुई।
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लापरवाही बनी वजह: परिजनों के अनुसार, बच्चा घर के नजदीक स्थित बाड़ी में खेल रहा था; इसी दौरान परिजनों की नजर कुछ पलों के लिए उससे हटी और वह खेलते-खेलते खुले कुएं की मुंडेर तक जा पहुंचा, जहां संतुलन बिगड़ने से सीधे गहरे पानी में जा गिरा।
💔 काफी तलाश के बाद कुएं में उतराता मिला शव, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
तलाश और अस्पताल ले जाने का घटनाक्रम:
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परिजनों द्वारा खोजबीन: काफी देर तक जब बच्चा आंगन व बाड़ी में दिखाई नहीं दिया, तो परिजनों ने घबराकर उसकी तलाश शुरू की।
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कुएं में दिखा बच्चा: जब बाड़ी में बने कुएं में झांककर देखा गया, तो मासूम पानी में डूबा हुआ मिला।
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अस्पताल में निराशा: परिजनों ने आनन-फानन में बच्चे को बाहर निकाला और तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक अत्यधिक पानी फेफड़ों में भर जाने के कारण उसकी जान जा चुकी थी।
🕯️ पूजा करने गए थे पिता, दादा के पास था बच्चा; परिवार में पसरा गहरा मातम
परिजनों की व्यथा और क्षेत्र में शोक:
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पिता का भावुक बयान: मासूम के पिता ने रोते हुए बताया कि उनके दो बच्चे हैं, जिनमें से छोटे बेटे अभियांक की इस अनहोनी में मौत हो गई। वे घर में ही थोड़ी देर के लिए पूजा करने गए थे और बच्चा अपने दादाजी के पास खेल रहा था। इसी बीच वह कब बाड़ी के कुएं तक पहुंच गया, किसी को भनक तक नहीं लगी।
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गांव में शोक की लहर: इस असमय और दुखद हादसे के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे दार्दखुर्द क्षेत्र में गहरा शोक एवं सन्नाटा पसरा हुआ है।





