गिरिडीह में बड़ा भू-धंसान: CCL लंकास्टर अस्पताल के दो भवन जमींदोज, सड़क पर आई दरारें; GM ने किया निरीक्षण

गिरिडीह (झारखंड): सीसीएल (CCL) गिरिडीह एरिया में मंगलवार तड़के भीषण भू-धंसान की गंभीर घटना सामने आई है। इस भू-धंसान की चपेट में सीसीएल का लंकास्टर अस्पताल आ गया है।
अस्पताल के दो भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर जमीन में धंस गए हैं। इसके अलावा आसपास की मुख्य सड़क और बड़े भू-भाग में गहरी व चौड़ी दरारें आ गई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही सीसीएल गिरिडीह एरिया के महाप्रबंधक (GM) कन्हैया शंकर गैवाल, परियोजना पदाधिकारी (PO) गोपाल सिंह मीणा, चिकित्सा पदाधिकारी परिमल सिन्हा तथा सिविल विभाग के अधिकारी रामाकांत सहित वरिष्ठ प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचा और स्थिति की समीक्षा की।
🕒 सुबह 4 बजे हुआ हादसा, अस्पताल कर्मियों की सूझबूझ से बची जान
घटनाक्रम का प्रत्यक्षदर्शी विवरण:
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नाइट ड्यूटी के दौरान घटना: अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि वे सोमवार की रात्रि पाली (नाइट शिफ्ट) में ड्यूटी पर तैनात थे।
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समय पर निकासी: मंगलवार सुबह लगभग 4:00 बजे जब वे अन्य सहकर्मियों के साथ बाहर निकले, तो देखा कि जमीन के साथ-साथ भवन की नींव भी धंस रही है।
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अस्पताल खाली कराया: खतरे को भांपते हुए उन्होंने तुरंत सभी कर्मियों और मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उच्चाधिकारियों को आपात सूचना दी। उन्होंने आशंका जताई कि पूरा अस्पताल परिसर अब खतरे की जद में है।
👮 जीएम ने किया अस्पताल का निरीक्षण, सुरक्षा के लिए गार्ड्स की तैनाती
प्रशासनिक कदम और एहतियाती निर्देश:
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परिसर का निरीक्षण: जीएम कन्हैया शंकर गैवाल और परियोजना पदाधिकारी ने पूरे अस्पताल परिसर और दरार वाले इलाकों का सघन निरीक्षण किया।
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प्रवेश पर प्रतिबंध: जीएम ने अधिकारियों को तत्काल एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए और कहा कि प्रभावित क्षेत्र में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह रोका जाए।
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सुरक्षा बलों की तैनाती: इलाके की बैरिकेडिंग कर सीसीएल सिक्योरिटी गार्ड और होमगार्ड के जवानों को तैनात कर दिया गया है।
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विस्तृत जांच के आदेश: पत्रकारों से बातचीत करते हुए जीएम ने कहा कि पूरे मामले की तकनीकी जांच की जा रही है और उसके आधार पर आगे की सुरक्षा रणनीति तय होगी।
⛏️ दशकों से जारी अवैध खनन बना मुख्य कारण, खोखली हुई जमीन
भू-धंसान के पीछे की मूल वजह:
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अवैध कोयला खनन: स्थानीय सूत्रों और विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध तरीके से बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध खनन किया जाता रहा है।
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जमीन का खोखलापन: अनियंत्रित और अवैज्ञानिक खनन के कारण भूगर्भ की जमीन पूरी तरह खोखली हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप समय-समय पर बड़े स्तर पर भू-धंसान की घटनाएं सामने आ रही हैं।





