जामताड़ा में मंईयां सम्मान योजना से 1500 अयोग्य लाभार्थियों के नाम कटे: प्रशासन करेगा वसूली, छोटी गलतियों से पात्र महिलाएं परेशान

जामताड़ा (झारखंड): जिले में ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ का अनुचित लाभ ले रहे लोगों के खिलाफ प्रशासनिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रशासन द्वारा कराए गए व्यापक भौतिक सत्यापन (Verification) के बाद लगभग 1500 लाभार्थियों को योजना के लिए पूरी तरह अयोग्य पाया गया, जिसके बाद तुरंत उनके नाम आधिकारिक लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। इनमें से कई ऐसे लोग थे जो या तो सरकारी/निजी सेवा में कार्यरत थे या जिनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति योजना के निर्धारित मानकों से काफी बेहतर थी।
⚠️ मामूली दस्तावेजों की त्रुटि से परेशान पात्र महिलाएं, दफ्तरों के काट रहीं चक्कर
पात्र महिलाओं की जमीनी समस्याएं:
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दस्तावेजों में विसंगति: एक तरफ जहां अयोग्य लोगों को बाहर किया गया है, वहीं कई वास्तविक रूप से जरूरतमंद और पात्र महिलाएं दस्तावेजों में मामूली त्रुटियों की वजह से लाभ से वंचित हैं।
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उम्र का अंतर: पीड़िता मालती देवी ने बताया कि उनके पहचान पत्र (आधार) में उम्र 50 वर्ष से कम दर्ज है, जबकि राशन कार्ड में उम्र 50 वर्ष दर्ज हो गई है।
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दफ्तरों की दौड़: इस तकनीकी विसंगति के कारण उनका आवेदन लंबित पड़ा है और वे पिछले दो-तीन महीनों से सुधार के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को विवश हैं।
🏛️ डीसी आलोक कुमार का बयान: “त्रुटियों की जांच जारी, पात्रों को जल्द मिलेगा लाभ”
प्रशासनिक रुख और आश्वासन:
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जांच के बाद कार्रवाई: जामताड़ा के उपायुक्त (DC) आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि सत्यापन प्रक्रिया के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले लगभग 1500 अयोग्य लोगों को हटाया गया है।
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त्रुटि सुधार प्रक्रिया: डीसी ने कहा कि जिन पात्र महिलाओं के आवेदनों में मामूली तकनीकी या दस्तावेजी गलतियां हैं, उनके मामलों की अलग से जांच कराई जा रही है। सत्यापन में सही पाए जाने पर उन्हें योजना का पूरा लाभ दिया जाएगा।
⚖️ गलत तरीके से लाभ लेने वालों से रिकवरी की तैयारी में जुटा प्रशासन
आगामी सख्त कदम:
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वसूली की प्रक्रिया: प्रशासन अब उन सभी 1500 अयोग्य लोगों से अब तक जारी की गई सम्मान राशि की वसूली (Recovery) के लिए कानूनी प्रक्रिया और नोटिस जारी करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है।
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सख्त निगरानी: भविष्य में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पंचायत स्तर पर आवेदन सत्यापन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व सख्त बनाया जा रहा है।





