Punjab News: CM भगवंत मान की रैली में काले कपड़े दिखाने वाले युवक का पुलिस पर गंभीर आरोप, सुखबीर बादल ने बताया ‘राष्ट्रीय शर्म’

संगरूर (पंजाब): पंजाब के संगरूर जिला स्थित शेरों गांव (सुनाम) में मुख्यमंत्री भगवंत मान की एक जनसभा के दौरान अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आने के बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह ने कार्यक्रम स्थल के निकट एक मकान की छत पर चढ़कर पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और काले कपड़े लहराते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल एक्शन लेते हुए सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मोहनजीत सिंह को एहतियातन हिरासत में ले लिया।
💉 कस्टडी में मारपीट का आरोप बनाम डोप टेस्ट पॉजिटिव: युवक ने कहा- फंसाने की साजिश
आरोपों और पुलिस की सफाई का विवरण:
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हिरासत में पिटाई का आरोप: हिरासत से छूटने के पश्चात युवक ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत के दौरान उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई और शारीरिक प्रताड़ना दी गई।
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एसएसपी का आधिकारिक बयान: संगरूर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवजोत ग्रेवाल के अनुसार, युवक को सीएम की सुरक्षा को देखते हुए एहतियातन पकड़ा गया था। नियमानुसार उसका मेडिकल परीक्षण और डोप टेस्ट कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में वह डोप पॉजिटिव पाया गया, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
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रिपोर्ट में हेरफेर का दावा: वहीं दूसरी ओर, पीड़ित युवक ने दावा किया कि डोप टेस्ट की रिपोर्ट पूरी तरह मनगढ़ंत है और पुलिस ने अपनी ज्यादतियों को छिपाने तथा उसे बदनाम करने के उद्देश्य से रिपोर्ट में हेरफेर किया है।
⚖️ सुखबीर सिंह बादल ने बताया ‘राष्ट्रीय शर्म’: वीडियो शेयर कर विपक्ष ने सरकार को घेरा
अकाली दल प्रमुख का तीखा हमला:
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सच्चाई बोलने की सजा: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पूरे घटनाक्रम को ‘राष्ट्रीय शर्म’ करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे की गंभीर समस्या पर सच्चाई बयां करने वाले एक पंजाबी सिख युवक को आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है।
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पीआर इवेंट का आरोप: बादल ने तंज कसते हुए कहा कि यह वही युवक है जिसने सुनाम के शेरों गांव में मुख्यमंत्री के एक कथित जनसंपर्क (PR) कार्यक्रम के दौरान सच सामने लाने की हिम्मत दिखाई थी।
🛑 ‘अमानवीय यातनाएं दी गईं’: सुखबीर बादल ने लगाए पुलिस पर रूह कंपाने वाले आरोप
शारीरिक उत्पीड़न और बेअदबी के गंभीर आरोप:
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क्रूरता का ब्योरा: सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाते हुए कहा कि युवक के कपड़े उतरवाए गए, उसे बिजली के झटके दिए गए और उसकी पगड़ी व दाढ़ी का अपमान किया गया।
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अमानवीय कृत्य: उन्होंने आरोप लगाया कि युवक की जांघों पर ब्लेड से कट लगाए गए और घावों पर नमक छिड़का गया। साथ ही उसे गीली चप्पलों से पीटा गया और निर्वस्त्र घुमाने जैसा अमानवीय व्यवहार किया गया।
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परिजनों का अपमान: बादल ने यह भी आरोप लगाया कि युवक की मां और बहनों के साथ भी सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार किया गया, जिसे किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
🏛️ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से तुरंत दखल की मांग: राष्ट्रीय मीडिया से अपील
मामले में हस्तक्षेप और जांच की गुहार:
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NHRC से संज्ञान का अनुरोध: सुखबीर सिंह बादल ने इस बर्बर कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से पूरे मामले में त्वरित हस्तक्षेप करने और स्वतंत्र जांच कराने की अपील की।
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आवाज दबाने की कोशिश: उन्होंने कहा कि पुलिसिया दमन के दम पर पंजाब के युवाओं और नागरिकों की आवाज को खामोश नहीं किया जा सकता।
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राष्ट्रीय स्तर पर जांच की मांग: अकाली दल प्रमुख ने राष्ट्रीय मीडिया और नागरिक अधिकार संगठनों से आगे आकर इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आह्वान किया।





