ब्रेकिंग
Brijendra Singh vs Devender Chatar Bhuj Attri: 32 वोटों से हार के खिलाफ चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट में... Siwani Ganesh Mahotsav: सिवानी के संजीवनी आश्रम में 15वें गणेश महोत्सव का भव्य शुभारंभ, 10 करोड़ की ... Haryana Politics News: दीपेंद्र हुड्डा ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना, बोले- 'महंगाई से जनता त्रस्त ... Birender Singh on Haryana Youth Jobs: हरियाणा में बेरोजगारी और शिक्षा के गिरते स्तर पर बरसे बीरेंद्र... Haryana Crime News: जमीन के चक्कर में पिता बना अपने ही बेटे का कातिल, पुलिस ने आरोपियों की तलाश की श... Panchkula Sector 6 Hospital Update: सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारें और स्टाफ की कमी, मरीजों को जाना... Inspirational Story: तबेले की मिट्टी से नेशनल वॉलीबॉल तक का सफर! खंडवा की श्रद्धा और ऋषिका की मिसाल MP News: ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में क्या है लेटेस्ट अपडेट? गिरिबाला सिंह की बेल पर अब अगले हफ्ते हो... Pakistan Cricket Board Update: इंग्लैंड में फजीहत के बाद मोहसिन नकवी एक्शन में, वहाब रियाज की भी हो ... Tom Holland and Zendaya News: क्या सच में हुई है टॉम हॉलैंड और जेंडाया की शादी? वायरल तस्वीरों और खब...
मध्यप्रदेश

MP Sports News: कीचड़ भरे मैदान में नंगे पांव प्रैक्टिस कर 9 खिलाड़ियों ने किया स्टेट के लिए क्वालीफाई, जूतों की भी है कमी

रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में स्थित शासकीय सांदीपनि विनोबा स्कूल के खिलाड़ियों ने संभागीय शाला खेलकूद प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 16 मेडल अपने नाम किए हैं. इस प्रतियोगिता में 100 मीटर दौड़, रिले रेस, हाई जम्प, लॉन्ग जम्प और बाधा दौड़ जैसी स्पर्धाएं शामिल थीं, जिनमें से 9 खिलाड़ियों ने गोल्ड मेडल जीतकर सीधे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है. सबसे खास बात यह है कि इन बच्चों ने यह बड़ी उपलब्धि तमाम बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों के अभाव के बावजूद हासिल की है.

🏃‍♂️ 2. कीचड़ भरे मैदान और नंगे पांव करते हैं प्रैक्टिस, खेल शिक्षक प्रहलाद दास बैरागी की मेहनत लाई रंग

एथलेटिक्स के लिए स्कूल में कोई पक्का ट्रैक या आधुनिक मैदान मौजूद नहीं है. इसके बावजूद बच्चों ने कड़ी मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया है. पिछले तीन वर्षों से लगातार इस स्कूल के बच्चे राज्य स्तर तक अपनी पहचान बना रहे हैं. खेल शिक्षक प्रहलाद दास बैरागी ने करीब 4 साल पहले गरीब परिवारों के इन बच्चों को खेल से जोड़ने की पहल की थी. स्कूल के पास खाली पड़ी जगह और आईटीआई ग्राउंड में बच्चे नंगे पांव रनिंग, लॉन्ग जंप और हाई जंप की कड़ी प्रैक्टिस करते हैं.

👟 3. आपस में जूते शेयर कर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं गरीब परिवारों के प्रतिभावान खिलाड़ी

ज्यादातर खिलाड़ी बेहद गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते हैं, जिसके चलते उनके पास एथलेटिक्स के लिए जरूरी स्पाईक वाले जूते तक नहीं होते हैं. हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने कुछ जोड़ी जूते उपलब्ध कराए हैं, जिन्हें खिलाड़ी आपस में शेयर करके प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं. राष्ट्रीय खिलाड़ी शिवराज तंवर और 100 मीटर में गोल्ड जीतने वाली छात्रा लक्ष्मी नायक ने बताया कि वे अब तक नंगे पांव ही अभ्यास करते आए हैं. यदि इन प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर खेल ट्रैक और आधुनिक सुविधाएं मिल जाएं, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम और भी ज्यादा रोशन कर सकते हैं.

Related Articles

Back to top button