Pratapgarh Mining Mafia: प्रतापगढ़ में खनन माफिया का दुस्साहस! डंपर से कुचलकर रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की हत्या

प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले से अवैध खनन और खनन माफिया की दबंगई के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यहां जब-जब जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी ऐसे गैर-कानूनी मामलों पर कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाते हैं, तब-तब खनन माफिया उनके लिए जानलेवा साबित होता है। अब एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी वन क्षेत्र से सामने आया है, जहां अवैध खनन की पुख्ता सूचना मिलने पर उसे रोकने पहुंचे क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) प्रताप सिंह चुंडावत को डंपर चालक ने बेरहमी से कुचल दिया।
🚨 डंपर चालक ने बुलेट समेत 50 मीटर तक घसीटा: इलाज के दौरान रेंजर प्रताप सिंह की मौत
इतना ही नहीं, बेखौफ डंपर चालक घायल रेंजर को उनकी बुलेट बाइक समेत लगभग 50 मीटर तक सड़क पर घसीटता हुआ ले गया।
इस भयावह दुर्घटना में वन विभाग के रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच का दावा किया जा रहा है, लेकिन इस वारदात के बाद पूरे प्रदेश में यह यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि आखिर खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए हैं कि वे बेखौफ होकर सरकारी अधिकारियों को मौत के घाट उतार रहे हैं।
🛑 सोमवार देर रात मिली थी अवैध खनन की सूचना: मौके पर पहुंचे थे रेंजर और वनपाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार रात लगभग 11:30 बजे वन विभाग के उच्च अधिकारियों को वन क्षेत्र में अवैध रूप से खनन किए जाने की गुप्त सूचना मिली थी।
सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) प्रताप सिंह चुंडावत अपने साथी वनपाल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उसी समय मिट्टी से लदा हुआ एक डंपर तेज रफ्तार से आता हुआ दिखाई दिया। रेंजर प्रताप सिंह ने उसे रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन डंपर चालक ने अत्यधिक निर्दयता दिखाते हुए अपनी गाड़ी बुलेट समेत रेंजर के ऊपर चढ़ा दी।
🏥 अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम: घटना के बाद जेसीबी और डंपर चालक फरार
वारदात के बाद आरोपी चालक घायल रेंजर और उनकी बुलेट को डंपर के साथ करीब 50 मीटर दूर तक घसीटते हुए ले गया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की अन्य टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान अवस्था में रेंजर को उप-जिला चिकित्सालय ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत बेहद गंभीर होने पर उन्हें निंबाहेड़ा जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं इस खौफनाक घटना के तुरंत बाद डंपर चालक और मौके पर मिट्टी खोद रहे जेसीबी के चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए।
🔍 पुलिस ने घटनास्थल का किया मुआयना: ईंट भट्टों के लिए अवैध रूप से निकाली जा रही थी मिट्टी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और निष्पक्ष जांच की बात कही है।
हालांकि, इस दुखद घटना को लेकर वन विभाग, पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वन क्षेत्र की इस उपजाऊ मिट्टी का उपयोग मुख्य रूप से ईंट बनाने के लिए किया जाता है। आरोप है कि बिना किसी वैधानिक स्वीकृति और राजनीतिक संरक्षण के बल पर यहां लंबे समय से अवैध खनन का काला कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा था।





