ब्रेकिंग
Truecaller Privacy Guide: ट्रु कॉलर से अपना मोबाइल नंबर कैसे हटाएं? जानिए अकाउंट डीएक्टिवेट करने और ... Durga Ashtami 2026: शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर क्यों लगाया जाता है पूरी, हलवा और चने का विशेष भो... Prostate Cancer Awareness Survey: देश के पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर को लेकर जागरूकता की कमी, 60% से... Azam Khan News: जौहर यूनिवर्सिटी वित्तीय अनियमितता मामले में ईडी का शिकंजा, 416 करोड़ के अंतर पर नया... Bihar Economy & Mining: रोहतास, गया और जमुई में मिलेंगे दुर्लभ खनिज? 21 हजार करोड़ के राजस्व और लाखो... Patna NEET Girl Death Investigation: सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत सख्त, 68 सवालों की सूची के सा... Jaipur Airport Alert: विमान हाईजैक के झूठे अलर्ट से जयपुर एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप, एयर इंडिया की फ्ला... Mata Maurvi Shaktipeeth Sikar: 120 फीट ऊंचा शिखर और आधुनिक डिजिटल गैलरी, खाटू श्याम की माता का बनेगा... Ratnagiri ATS Raid: रत्नागिरी से अरबी भाषा की शिक्षिका समेत तीन लोगों से पूछताछ, व्हाट्सएप ग्रुप और ... Delhi Road Safety Report: पिछले 6 सालों में सबसे भयावह स्थिति, दिल्ली में हर दिन औसतन 17 सड़क हादसे
छत्तीसगढ़

Raipur News Update: 10 साल के इंतजार के बाद सड़कों पर उतरेंगे दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजन, मुंडन कराने की दी चेतावनी

छत्तीसगढ़ में दिवंगत शिक्षाकर्मी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) संवर्ग के शेष बचे आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग एक बार फिर गरमा गई है। पिछले 10 सालों से नियुक्ति की राह तक रहे पीड़ित परिवारों ने अपनी वेदना और आक्रोश शासन तक पहुँचाने के लिए बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। दिवंगत शिक्षाकर्मी पंचायत अनुकंपा संघ के बैनर तले, मांगें पूरी न होने पर 14 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक पर दिवंगत शिक्षाकर्मियों की विधवाएं अपने बच्चों के साथ भीख मांगकर धरना-प्रदर्शन करेंगी। यदि इसके बाद भी शासन द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो महिलाएं अपना मुंडन कराकर कड़ा विरोध दर्ज कराएंगी।

⚠️ 10 वर्षों से केवल मिला आश्वासन: अधिकारियों के नियमों के हवाले से भड़का गुस्सा

दिवंगत शिक्षाकर्मी पंचायत अनुकंपा संघ की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी सोनवानी ने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति की मांग करते-करते एक दशक का समय बीत चुका है। चाहे भाजपा की सरकार रही हो या कांग्रेस की, सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों ने हमेशा सिर्फ आश्वासन का झुनझुना थमाया है। जब भी नियुक्ति देने की बात आती है, अधिकारी कड़े नियमों और पेंचों का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। लगातार अनसुनी किए जाने से आहत होकर पीड़ित परिवारों ने 14 अक्टूबर को परिवार सहित चक्काजाम और प्रदर्शन करने का अंतिम फैसला लिया है।

🎓 शैक्षणिक योग्यता के अनुसार नौकरी और आर्थिक सहारे की मांग: भुखमरी की कगार पर पहुंचे परिवार

घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य के अचानक गुजर जाने के बाद इन परिवारों के सामने जीवन-यापन, बच्चों की शिक्षा और दैनिक भरण-पोषण का गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संघ ने मांग की है कि शेष बचे सभी आश्रितों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अविलंब अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए। परिजनों ने राज्य सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस विषय पर जल्द से जल्द सकारात्मक और स्थायी निर्णय लेने की अपील की है, ताकि इन बेसहारा परिवारों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

Related Articles

Back to top button