गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन सीट पर बीजेपी के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने दर्ज की ऐतिहासिक चौथी जीत

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े एक महत्वपूर्ण चुनाव परिणाम में गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अधिकृत प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने शानदार विजय हासिल की है। लगभग 35 घंटों तक चली बेहद लंबी और तनावपूर्ण मतगणना प्रक्रिया के बाद अंततः ध्रुव त्रिपाठी को विजयी घोषित कर दिया गया। उन्होंने अपने सबसे कड़े प्रतिद्वंद्वी और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को बेहद रोमांचक मुकाबले में 307 मतों के अंतर से परास्त किया। इस उल्लेखनीय जीत के साथ ही ध्रुव त्रिपाठी ने इस विशिष्ट सीट पर अपने राजनीतिक सफर की चौथी बार जीत दर्ज करते हुए एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। हालांकि, चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने इस परिणाम पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मतगणना में धांधली और लगभग 1,000 वोटों की चोरी किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
35 घंटे चली कांटे की टक्कर, महज 307 वोटों के अंतर से हुआ हार-जीत का फैसला
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए हुई मतों की गिनती के दौरान भाजपा उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली, जो अंतिम दौर तक जारी रही। चुनाव के आए अंतिम और आधिकारिक परिणामों के अनुसार, ध्रुव त्रिपाठी को कुल 14,887 वैध मत प्राप्त हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजीव यादव को 14,580 वोट मिले। दोनों के बीच हार-जीत का यह अंतर महज 307 वोटों का रहा। जानकारी के लिए बता दें कि इस प्रतिष्ठित सीट पर कुल 17 जिलों के अंतर्गत आने वाले 16 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। लगातार 35 घंटे तक चली मतगणना के बाद जाकर स्थिति स्पष्ट हुई और ध्रुव त्रिपाठी की जीत की घोषणा की गई।
जीत के बाद जश्न का माहौल, पराजित निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने लगाए वोट चोरी के गंभीर आरोप
चुनाव परिणाम सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह की लहर दौड़ गई और मतगणना स्थल के बाहर पार्टी के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। अपनी इस जीत के बाद ध्रुव त्रिपाठी विक्ट्री साइन (जीत का निशान) बनाते हुए मतगणना केंद्र से बाहर आए। दूसरी ओर, इस कड़े मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने इस पूरी चुनावी प्रक्रिया और नतीजों पर खुलकर संदेह जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस चुनाव में सुनियोजित तरीके से करीब 1,000 वोटों की हेराफेरी यानी चोरी की गई है। राजीव यादव का कहना है कि वे इस मामले को लेकर चुप नहीं बैठेंगे और न्याय के लिए जल्द ही चुनाव आयोग तथा अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने यह भी मांग की है कि चौथे राउंड में गिने गए 1,612 मतों की निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए, क्योंकि उनका साफ मानना है कि मतगणना के दौरान भारी गड़बड़ी की गई है।
ध्रुव त्रिपाठी बोले- ‘जीत तो जीत होती है’, शिक्षकों के अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक उठाएंगे आवाज
अपनी इस जीत के बाद प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी ने कहा कि जीत आखिरकार जीत ही होती है, चाहे वह अंतर एक ही वोट का क्यों न हो। उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी राजीव यादव को भी इस चुनाव में उनके द्वारा किए गए कड़े संघर्ष के लिए बधाई दी। ध्रुव त्रिपाठी ने कहा कि लोकतांत्रिक चुनाव में मुकाबला हमेशा मजबूती के साथ होना चाहिए। अपनी इस सफलता का श्रेय देते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बधाई प्रेषित की। उनके अनुसार, क्षेत्र के शिक्षकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों और उनकी नीतियों के प्रति अपनी अटूट आस्था दिखाते हुए उन्हें समर्थन दिया है। नवनिर्वाचित एमएलसी ने यह भी संकल्प लिया कि वह शिक्षकों के मान-सम्मान, उनके हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक पूरी मुखरता के साथ उनकी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों से किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए वह पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु शासन तथा संबंधित मंत्रियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखेंगे।
संजयन त्रिपाठी को बताया अपने लिए लकी, धांधली के आरोपों पर दिया जवाब
इस दौरान ध्रुव त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने हंसते हुए कहा कि संजयन त्रिपाठी उनके राजनीतिक सफर के लिए हमेशा शुभ साबित हुए हैं। उनके मुताबिक, संजयन त्रिपाठी वर्ष 2008 से लगातार उनके खिलाफ चुनाव लड़ते आ रहे हैं, और एक इत्तेफाक कहें या उनका भाग्य, कि जब-जब उन्होंने उनके सामने चुनाव लड़ा है, तब-तब ध्रुव त्रिपाठी को ही जीत हासिल हुई है। इस बार के चुनाव में भी सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी तीसरे पायदान पर रहे, जबकि निर्दलीय राजीव यादव दूसरे स्थान पर रहे और अंततः भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी ने बाजी मार ली। वहीं, दूसरी तरफ प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार द्वारा लगाए गए चुनावी धांधली के तमाम आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ध्रुव त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि इन शिकायतों की जांच करना और उन्हें देखना पूरी तरह से चुनाव आयोग का काम है। उन्होंने कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया बेहद निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई है। यदि किसी भी प्रत्याशी को इस प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति या शिकायत है, तो उनके पास रिटर्निंग ऑफिसर (RO), सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) या सीधे निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।





