Sagar Cyber Crime News: शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी एडवाइजरी पर पुलिस का छापा, 3 गिरफ्तार

सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में शेयर बाजार में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर भोले-भाले नागरिकों से बड़ी ठगी करने वाले एक अवैध शेयर मार्केट एडवाइजरी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर एक संदिग्ध कार्यालय में दबिश देकर वहां से कुल 3 लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जबकि इस पूरे फर्जीवाड़े के मुख्य सूत्रधार की तलाश अभी जोर-शोर से जारी है। शुरुआती जांच-पड़ताल में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि यह अवैध एडवाइजरी फर्म भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास किसी भी प्रकार से पंजीकृत नहीं थी।
वर्धमान कॉलोनी के एक मकान में चल रहा था अवैध कारोबार, पुलिस ने मौके से तीन लोगों को दबोचा
मोतीनगर थाना क्षेत्र के प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने मामले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि गत 28 अक्टूबर 2026 को पुलिस को एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि वर्धमान कॉलोनी में दुबे तालाब के पास स्थित काकागंज वार्ड में सरोज जैन के मकान के भीतर एक गैर-कानूनी और फर्जी शेयर मार्केट एडवाइजरी का दफ्तर संचालित किया जा रहा है। बिना किसी वैध लाइसेंस और अनुमति के यहां से आम नागरिकों को फोन कॉल करके शेयर बाजार में मोटा पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था और निवेश के नाम पर सुनियोजित तरीके से रकम ऐंठी जा रही थी। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस बल ने मौके पर छापा मारा और दफ्तर के भीतर से तीन युवकों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों ने अपनी पहचान दीपक राजपूत (निवासी शाहगढ़), सौरभ नामदेव (निवासी पंतनगर) और अनिल रैकवार के रूप में बताई है। पूछताछ के दौरान इन्होंने खुलासा किया कि वे लोग ‘एंजिल वन’ के नाम से फर्जी तौर पर लोगों से संपर्क करते थे और यह सब वे करन चौरसिया के दिशा-निर्देशों पर करते थे।
सेबी में नहीं मिला कोई रजिस्ट्रेशन, यूपीआई और बैंक खातों के जरिए मंगाई जाती थी रकम
पुलिस की छानबीन में यह बात स्पष्ट हुई कि इस तथाकथित कंपनी के पास सेबी (SEBI) से जुड़ा कोई भी आधिकारिक पंजीयन, गुमास्ता लाइसेंस या अन्य कोई वैधानिक सरकारी अनुमति नहीं थी। ये लोग विभिन्न यूपीआई आईडी (UPI IDs) और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करके शेयर बाजार में निवेश करवाने के बहाने लोगों की गाढ़ी कमाई अपने खातों में जमा करवाते थे। जिन संभावित ग्राहकों को ठगी का शिकार बनाने के लिए निशाना बनाया जाता था, उनके फोन नंबर और अन्य विवरण मुख्य आरोपी करन चौरसिया द्वारा ही इन ऑपरेटर्स को उपलब्ध कराए जाते थे।
तकनीकी जांच में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा, विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर मोबाइल व अन्य सामग्री जब्त
थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि जब पुलिस ने सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर इस कंपनी के पते और नाम की सत्यता की जांच की, तो ‘एंजिल वन ग्रुप’ के नाम से शेयर मार्केट एडवाइजरी चलाने वाली ऐसी कोई भी रजिस्टर्ड फर्म अस्तित्व में नहीं पाई गई। आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत लोगों को शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया और यूपीआई आईडी तथा बैंक खातों के माध्यम से रुपए ट्रांसफर करवाए। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 3(5) और ‘मध्य प्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम’ की धारा 6(1) के अंतर्गत गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मौके से पुलिस ने कई मोबाइल फोन और ठगी में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी जब्त कर ली है।
सागर पुलिस द्वारा नागरिकों के लिए जारी की गई महत्वपूर्ण एडवाइजरी
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद सागर पुलिस ने आम जनता के नाम एक सतर्कता चेतावनी जारी की है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शेयर बाजार या किसी भी वित्तीय योजना में अपना धन निवेश करने से पहले संबंधित संस्था तथा निवेश सलाहकार के आधिकारिक पंजीकरण की भली-भांति जांच-पड़ताल अवश्य कर लें। किसी भी ऐसी योजना से पूरी तरह सावधान रहें जो रातोंरात अत्यधिक या निश्चित मुनाफे का लालच देती हो। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा बताए गए व्यक्तिगत यूपीआई आईडी या संदिग्ध बैंक खाते में बिना सोचे-समझे और बिना सत्यापन के एक भी रुपया जमा न करें। यदि आपके आस-पास या आपके साथ ऐसी कोई भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि होती है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें।





