Kanker News: कांकेर जिला पंचायत की सामान्य सभा बैठक में बड़ा हंगामा, विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाकार 4 सदस्यों ने किया बहिष्कार

कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के जिला पंचायत सभागार में आयोजित की गई सामान्य सभा की बैठक के दौरान उस समय तीखा असंतोष और नाराजगी देखने को मिली, जब चार जिला पंचायत सदस्यों ने कार्यवाही का प्रत्यक्ष रूप से बहिष्कार कर दिया। बैठक छोड़कर बाहर आए इन असंतुष्ट सदस्यों ने जिला प्रशासन और जिला पंचायत प्रबंधन पर उनके ग्रामीण क्षेत्रों की लगातार उपेक्षा करने तथा विकास कार्यों के आवंटन में जरूरी प्राथमिकता न दिए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्षेत्रीय समस्याओं और मांगों को नजरअंदाज करने का लगाया गंभीर आरोप, दी आंदोलन की चेतावनी
सभागार से बाहर आए बागी सदस्यों ने मीडिया से चर्चा करते हुए रोष व्यक्त किया कि उनके विधानसभा और जिला क्षेत्रों से जुड़ी लगातार उठाई जा रही मांगों और जनसमस्याओं को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके इलाकों में विकास योजनाओं के तहत निर्धारित बुनियादी और जरूरी काम समय पर गति नहीं पकड़ पा रहे हैं, जिसके कारण आम ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बहिष्कार करने वाले इन जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में वे स्थानीय जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरकर बड़ा प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
पार्टीवाद और पक्षपात का लगाया आरोप: मृदुला भास्कर और झरना ध्रुव ने प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस मामले में जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर ने खुला आरोप लगाया कि जिला पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों और निधियों (फंड) के आवंटन के दौरान सदस्यों के साथ स्पष्ट रूप से भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने जिला पंचायत के भीतर पक्षपात और पार्टीगत राजनीति हावी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सभी निर्वाचित सदस्यों को समान महत्व और अवसर प्रदान नहीं किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर जिला पंचायत सदस्य झरना ध्रुव ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था के तहत चुने हुए जनप्रतिनिधियों को उनका अपेक्षित मान-सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विकास कार्यों की समय पर कोई जानकारी न दिए जाने, कामकाज में पारदर्शिता की भारी कमी और भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है।
चार सदस्यों के अचानक वॉकआउट से गरमाई सियासत, प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
एक साथ चार प्रमुख सदस्यों द्वारा इस प्रकार सामान्य सभा की बैठक का बहिष्कार किए जाने से स्थानीय राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक खेमे में हड़कंप मच गया है। इस घटनाक्रम ने जिला पंचायत के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और असंतोष को खुलकर सामने ला दिया है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन तथा जिला पंचायत के जिम्मेदार उच्च अधिकारी इन नाराज सदस्यों की शिकायतों का क्या समाधान निकालते हैं और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।





