होमगार्ड वेतन घोटाला : जेल गए तीन प्लाटून कमांडरों के मोबाइल पुलिस मालखाने से गायब

ग्रेटर नोएडा। फर्जी मस्टर रोल तैयार होमगार्ड वेतन घोटाले के मामले में जेल गए प्लाटून कमांडरों में से तीन के मोबाइल पुलिस मालखाने से गायब हो गए हैं। हैरानी की बात है कि गिरफ्तारी के दौरान जमा तलाशी में प्लाटून कमांडरों के मोबाइल जमा करवाए गए, लेकिन लिखा पढ़ी में नहीं लाए गए। अब उनके जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद मोबाइल कोतवाली से गायब हो गए हैं।
मोबाइल वापस करने की मांग को लेकर प्लाटून कमांडरों ने मामले की शिकायत सूरजपुर कोतवाली पुलिस से की है। आरोप लगाया है कि साजिश के तहत मोबाइल गायब किए गए हैं। वहीं पुलिस का दावा है कि मोबाइल जब जमा किए गए थे तो थाने का मुंशी कोई और था और अब कोई और है। बता दें कि बीते साल होमगार्ड की ड्यूटी का फर्जी मस्टर रोल तैयार कर भुगतान हड़पने की शिकायत प्लाटून कमांडर राजीव कुमार ने पुलिस अधिकारियों से की थी। शिकायत के बाद मामले की जांच हुई और बात सही पाई गई। फर्जी मस्टर रोल तैयार कर पचास फीसद से अधिक फर्जी ड्यूटी जांच में पकड़ी गई थी।
जांच में में आया था कि फर्जी मस्टर रोल तैयार कर करोड़ों के घोटाले को अंजाम दिया गया। बीते साल 20 नवंबर को पुलिस ने मामले में तत्कालीन मंडलीय कमांडेंट अलीगढ़ राम नारायण चौरसिया, सहायक जिला कमांडेंट सतीश चंद, प्लाटून कमांडेंर सत्यवीर यादव, शैलेंद्र व मोंटू को गिरफ्तार किया था। वहीं शिकायतकर्ता प्लाटून कमांडर को पुलिस ने मस्टर रोल में आग लगाने के आरोप में नवंबर में ही गिरफ्तार किया था। अब तीन प्लाटून कमांडर मोंटू, राजीव व सत्यवीर के मोबाइल पुलिस मालखाने से गायब हो गए है। वहीं इस मामले में अपर पुलिस आयुक्त श्रीपर्णा गांगुली से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
साजिश के तहत गायब हुए मोबाइल
आग लगाने के आरोप में जेल गए प्लाटून कमांडर राजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि साजिश के तहत मोबाइलों को गायब किया गया है। मोबाइल में कई ऐसे साक्ष्य है जो कि उसके पक्ष में है। उसने ही मामले की शिकायत की थी और एक अधिकारी के कहने पर वह उस रात होमगार्ड ऑफिस गया था जिस रात वहां आग लगी थी।
मुंशी का हुआ तबादला
जब प्लाटून कमांडरों की गिरफ्तारी हुई थी तो सूरजपुर कोतवाली के मुंशी रहे पुलिसकर्मी का कुछ दिन पहले तबादला हो गया था। नए मुंशी के आने के बाद मोबाइल की तलाश की गई लेकिन नहीं मिल सका। पुराने मुंशी को भी कोतवाली बुलाया गया लेकिन वह भी बता पाने में असफल रहा कि तीनों के मोबाइल कहां है।






