कोयला खदानों की नीलामी प्रक्रिया आज से होगी शुरू, प्रधानमंत्री मोदी उद्घाटन कार्यक्रम को करेंगे संबोधित

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कोयला मंत्रालय गुरुवार से विभिन्न राज्यों की 41 खदानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर रहा है। इसके माध्यम से इन खदानों को व्यावसायिक खनन के लिए निजी हाथों में सौंपा जाएगा। इससे देश के उद्योगों की कोयला संबंधी जरूरतें पूरी की जाएंगी। प्रधानमंत्री इस नीलामी प्रक्रिया के उद्घाटन कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करेंगे। कोयला मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इन कोयला खदानों के वाणिज्यिक खनन के लिए अगले पांच-सात वर्षों के दौरान देश में 33,000 करोड़ रुपये तक का निवेश किया जाएगा। इन खदानों से राज्य सरकारों को सालाना करीब 20,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
कोयला मंत्रालय ने बताया कि कोयला खनन क्षेत्र में नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गयी घोषणाओं का हिस्सा है। मंत्रालय ने कहा, ‘पीएम मोदी कोयला खदानों की नीलामी प्रक्रिया के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे और खनन क्षेत्र में आत्म-निर्भरता प्राप्त करने के संबंध में अपना दृष्टिकोण रखेंगे। खनन क्षेत्र इस्पात, एल्युमीनियम, बिजली, स्पांजी आयर जैसे कई बुनियादी उद्योगों के लिये कच्चे माल का प्रमुख स्रोत है।’
मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘कोयेला क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिये कोयला मंत्रालय उद्योग मंडल फिक्की के साथ मिलकर 41 कोयला खदानें की नीलामी की प्रक्रिया की शुरुआत कर रहा है। ये कोयला खदानें 22.5 करोड़ टन उत्पादन की क्षमता रखती हैं। ये खदानें देश में 2025-26 तक कुल कोयला उत्पादन में करीब 15 फीसद का योगदान देंगी।’
मंत्रालय ने बताया कि इन खदानों की नीलामी से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब 2.8 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। वहीं, इससे 70,000 लोगों को सीधे तौर पर रोजगाार मिलने की संभावना है। मंत्रालय ने कहा कि यह नीलामी प्रक्रिया कोल सेक्टर को वाणिज्यिक खनन के लिये खोलने की शुरुआत है।






