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बांग्लादेश के विजन 2041 को साकार करने में भारत निभाएगा महत्‍वपूर्ण भूमिका

नई दिल्‍ली। भारत बांग्लादेश के विकास एजेंडे को लागू करने में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। भारत के इस विकासात्मक साझेदारी की मानसिकता का बांग्लादेश भी सम्मान करता है। इन भावों ने दोनों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान की है। वर्ष 2008 बांग्लादेश के सामाजिक आर्थिक नियोजन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण वर्ष था, जब बांग्लादेश ने अपने विजन 2021 की उद्घोषणा की थी।

पड़ोसी देश के विजन 2041 की सुगम करेगा राह : इसके तहत बांग्लादेश ने 2021 तक मध्यम आय अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके उपरांत बांग्लादेश ने विजन 2041 अपनाया जिसके तहत 2041 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य निर्धारित किया। भारत ने इसे मूर्तमान बनाने में बांग्लादेश को सहयोग करने की बात की है। स्पष्ट है कि भारत बांग्लादेश के साथ विकासात्मक साझेदारी को अपने द्विपक्षीय संबंधों को दिशा देने का प्रमुख आधार मानता है

भारत ने बांग्लादेश को इन कारणों से विशेष स्थान दिया है : दक्षिण एशिया में शांति, सुरक्षा, स्थिरता बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि बांग्लादेश में आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता, पाक व चीन के साथ अवांछित गठजोड़ ना बढ़े। इसलिए भारत बांग्लादेश को सार्क के एक जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करता है। आतंकी संगठनों, अलगाववादी युवाओं और उनके आइएसआइ के साथ गठजोड़ भारत के हितों के प्रतिकूल हैं। इसलिए भारत ने समय समय पर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि बांग्लादेश अपनी भूमि का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए ना होने दे। इसी क्रम में भारत ने बांग्लादेश के साथ प्रत्यर्पण संधि और पारस्परिक विधिक सहायता समझौते, नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने संबंधी समझौते संपन्न किए हैं।

भारत इस क्षेत्र में ब्लू इकोनॉमी के विकास की संभावनाएं तलाश सकता है : बंगाल की खाड़ी में बांग्लादेश की सामरिक दशा भारत के लिए उपयोगी है। प्राकृतिक गैस और तेल, खनिज संसाधन, मत्स्य संसाधन के भंडार के चलते भारत इस क्षेत्र में ब्लू इकोनॉमी के विकास की संभावनाएं तलाश सकता है। बांग्लादेश में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता को ध्यान में रखकर ही चीन ने बांग्लादेश में पाकिस्तान के ग्वादर के समान ही पायरा डीप सी पोर्ट विकसित करने पर चर्चा की है।

बांग्लादेश भारत को दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ अधिक मजबूती से जोड़ने का एक भौगोलिक माध्यम है। यह दक्षिण एशिया को आसियान और पूर्वी एशिया के देशों के साथ जोड़ने में सहायक की भूमिका निभाता है। बिम्सटेक संगठन के तत्वावधान में शुरू किए गए क्षेत्रीय अंतर्संपर्क पहलों में इसका प्रमाण देखा जा सकता है। पिछले एक दशक में बांग्लादेश ने ऐसी पहल और परियोजनाओं को शुरू करने में सक्रिय भूमिका निभाई है जो बांग्लादेश के क्षेत्रीय विकास की मानसिकता को व्यक्त करता है।

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