नवजोत सिद्धू की अमरिंदर सरकार में हो सकती है वापसी, बनाए जा सकते हैं डिप्टी सीएम

चंडीगढ़। पंजाब में आला अफसरशाही में यकायक हुआ फेरबदल बड़ी सियासी हलचल की आहट माना जा रहा है। जिस तरह से करण अवतार को रिटायरमेंट से दो माह पहले ही चीफ सेक्रेटरी पद से रुखसत कर अचानक विनी महाजन को उनकी जगह लगा दिया गया, उसी तरह से अब राज्य मंत्रिमंडल में भी चौंकाने वाले बदलाव हो सकते हैैं। पिछले काफी समय से ‘अज्ञातवास’ मंं रह रहे पूर्व मंत्री नवजाेत सिंह सिद्धू की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में वापसी हो सकती है। उनका उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाएं चल रही हैं।
आला अफसरशाही के बाद अब मंत्रिमंडल में बदलाव की तैयारी
चर्चा यह है कि मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। कुछ मत्रियों के विभागों में भी बदलाव हो सकता है। ब्यूरोक्रेसी इस आकलन में लगी है कि किन मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और किन मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
सबसे ज्यादा चर्चा नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर है। कहा जा रहा है कि वे डिप्टी सीएम बन सरकार में वापसी कर सकते हैं। दरअसल यह चर्चा नवजोत ङ्क्षसह सिद्धू के कांग्रेस के दिल्ली दरबार में जाने के बाद से ही शुरू हुई है। पता चला है कि वह पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में थे और पार्टी नेताओं पर दबाव डाल रहे हैं कि उन्हें फिर से स्थानीय निकाय विभाग दिया जाए।
पावर समेत अपने कुछ विभाग सिद्धू को दे सकते हैं कैप्टन अमरिंदर सिंह
दूसरी ओर मुख्यमंत्री कैप्टन अमङ्क्षरदर ङ्क्षसह किसी भी मंत्री का महकमा वापस लेकर सिद्धू को नहीं देना चाहते। सूत्रों का कहना है कि सीएम ने उन्हें यह ऑफर दिया है कि वह बिजली विभाग ले सकते हैं। यह विभाग सीएम के पास है। सिद्धू यह विभाग नहीं लेना चाहते। मई 2019 में जब कैप्टन ने उन्हें स्थानीय निकाय विभाग से हटाकर बिजली विभाग दिया था तो उन्होंने ज्वाइन ही नहीं किया था।
अब पार्टी बीच का रास्ता तलाशना चाहती है। चर्चा यह है कि नवजोत सिद्धू को डिप्टी सीएम बनाकर बिजली महकमा दे दिया जाएगा। इससे कैबिनेट में उनका कद बढ़ जाएगा और किसी का महकमा भी बदलना नहीं पड़ेगा। हालांकि, तकनीकी तौर पर यह फैसला लेना आसान नहीं है क्योंकि कांग्रेस को जातीय समीकरण पर भी ध्यान देना है।
चन्नी को हटाने की भी चर्चा
कैप्टन के मंत्रिमंडल में नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा छोड़ी गई सीट अभी खाली है। इस सीट को लेकर राणा गुरजीत ने भी कैप्टन पर दबाव बनाया हुआ है। स्पीकर राणा केपी सिंह भी मंत्री बनने की दौड़ में हैं। चर्चा यह भी है कि अकसर विवादों में रहने वाले चरनजीत चन्नी को मंत्री पद से हटाकर स्पीकर बना दिया जाए।





