ब्रेकिंग
CJP प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने वाले जुनैद मलिक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट! पुलिस पर प्रताड़ना और परिजन... NEET पेपर लीक पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का अनोखा प्रदर्शन, सिर पर पट्टी और हाथ में लाठी लेकर पहुं... 'NEET के छात्रों से ऐंठे जाते हैं ₹1.32 लाख करोड़'; सार्वजनिक परीक्षा विधेयक 2026 पर बहस के दौरान प्... शिर्डी में गुरु पूर्णिमा उत्सव का आगाज! MP और गुजरात के भक्तों ने बाबा के चरणों में न्यौछावर किए लाख... दिल्ली में महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2500! 'लक्ष्मी योजना' को कैबिनेट की मंजूरी, रक्षाबंधन पर आएग... सिर में नक्सलियों की गोली फंसी होने के बाद भी रोज लगा रहे 10 KM दौड़, पढ़ें हॉक फोर्स के जांबाज शिवक... फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों का हंगामा! बिजली, शौचालय व पेयजल की मांग को लेकर सड़क पर उ... IIT दिल्ली से घर बैठे सीखें AI और डेटा साइंस! सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू, जानें अप्लाई क... मसूरी-देहरादून मार्ग पर भारी भूस्खलन! मैगी पॉइंट के पास रेस्टोरेंट हुआ क्षतिग्रस्त, घंटों ठप रहा ट्र... छात्र प्रदर्शनों पर लाठीचार्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश! निर्दोषों को तुरंत रिहा करने के ...
देश

मायावती का अखिलेश पर बड़ा आरोप, कहा- मुस्लिमों को टिकट देने से किया था मना

लखनऊः बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव पर बड़ा हमला किया है। मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव ने उन्हें मना किया था कि वो किसी मुसलमान को टिकट नहीं देंगे। मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव ने मुझे संदेश भिजवाया था कि मुसलमानों को ज्यादा टिकट न दी जाए, इसके पीछे धार्मिक आधार पर वोटों की ध्रुवीकरण होने की बात कही थी, लेकिन मायावती ने उनकी बात नहीं मानी।

मायावती के इस बयान से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की सियासत में मुसलमान सियासी विमर्श के केंद्र में आ गए हैं। खुद को मुसलमानों की हितैषी बताती रही समाजवादी पार्टी सवालों के घेरे में आ गई है। सवाल उठने लगे हैं कि क्या सपा वास्तव में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में मुसलमानों की भागीदारी की विरोधी है? सपा के अध्यक्ष ने आखिर मायावती से मुसलमानों को ज्यादा टिकट न देने के लिए क्यों कहा, सियासी गलियारों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

राजनीति से जुड़े लोगों के साथ ही राजनीति के जानकार और गैर राजनीतिक व्यक्ति भी अपने-अपने हिसाब से बसपा सुप्रीमो के इस वक्तव्य की व्याख्या कर रहे हैं। कोई अखिलेश को कठघरे में खड़ा कर रहा है तो कोई इसे मायावती की सियासी माया बता रहा है। सबके अपने-अपने तर्क भी हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button