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44 साल में पहली बार अगस्त में मेघ जमकर बरसे, 25 फीसद अधिक दर्ज की गई बारिश

नई दिल्ली। देश में अगस्त के महीने में मेघ जमकर बरसे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के आंकड़ों के मुताबिक 1976 के बाद यानी 44 साल में पहली बार अगस्त के महीने में इतनी बारिश हुई है। हालात ये हैं कि शहरों की प्यास बुझाने वाले जलाशय लबालब भर गए हैं, नदियां उफान पर हैं और कई राज्य बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

28 अगस्त तक औसत से 25 फीसद अधिक दर्ज की गई बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 28 अगस्त तक देश में औसत या सामान्य से 25 फीसद अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इस अगस्त ने 1983 के अगस्त को पीछे छोड़ दिया है, जिसमें 23.8 फीसद अधिक बरसात हुई थी।

1976 में अगस्त में सामान्य से 28 फीसद से अधिक हुई थी बारिश

आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के महीने में इससे अधिक बरसात 1976 में 28.4 फीसद दर्ज की गई थी। जबकि, 120 साल के दौरान यानी 1901-2020 के बीच 1926 में अगस्त के महीने में सबसे ज्यादा सामान्य से 33 फीसद अधिक बरसात रिकॉर्ड की गई थी।

96 फीसद से 104 फीसद के बीच हुई बारिश को औसत या सामान्य मानसून माना जाता है

आइएमडी दीर्घकालिक औसत (एलपीए) के 96 फीसद से 104 फीसद के बीच हुई बारिश को औसत या सामान्य मानसून मानता है। एलपीए 1961 से 2010 के बीच यानी 50 साल के दौरान देश में हुई औसत बरसात को परिभाषित करता है, जो 88 सेंटीमीटर है।

देश में अब तक सामान्य से करीब नौ फीसद ज्यादा हुई बारिश

अगर हम देश में अब तक हुई बारिश का जिक्र करें तो सामान्य से करीब नौ फीसद ज्यादा है। बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, गुजरात, गोवा में अधिक बरसात हुई है।

सिक्किम में रिकॉर्ड बारिश, नदियां उफान पर हैं और कई राज्यों में बाढ़

सिक्किम में अत्यधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। पानी ज्यादा पड़ने से देश के विभिन्न हिस्सों में नदियां उफान पर हैं और कई राज्यों में बाढ़ आ गई है।

जलाशय हुए लबालब, नदियों में पर्याप्त मात्रा से अधिक पानी

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक ज्यादा बरसात होने से देश के लगभग सभी जलाशयों में पिछले 10 साल के औसत से ज्यादा पानी जमा हुआ है। गंगा, नर्मदा, माही, साबरमती, गोदावरी, कृष्णा, महानदी और पूर्वोत्तर की नदियों में भी पर्याप्त मात्रा से अधिक पानी जमा हुआ है।

जम्मू-कश्मीर में औसत से कम बारिश, जून में औसत से 17 फीसद अधिक दर्ज की गई बारिश

हालांकि, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, मिजोरम और नगालैंड में कम बारिश हुई है। इस साल जून में 17 फीसद अधिक और जुलाई में सामान्य से 10 फीसद कम वर्षा दर्ज की गई है।

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