ब्रेकिंग
Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में सनसनी; रिश्ता टूटने से नाराज सिरफिरे युवक ने दो सगी बहनों को मार... Gumla Crime News: गुमला में दो अलग-अलग हत्याओं से सनसनी; एक वृद्ध और 7 वर्षीय मासूम की बेरहमी से हत्... Palamu Crime News: पलामू प्रमंडल में सक्रिय अंतर्राज्यीय सोना-चांदी लूट गिरोह; यूपी-बिहार के गैंग का... Latehar News: कागजों में नल, धरातल पर प्यासा लातेहार का माराबार गांव; पांच में से चार जल मीनारें खरा... Jharkhand T20 League 2026: संथाल स्ट्राइकर्स का बड़ा उलटफेर; शीर्ष पर काबिज कोयलांचल सुपर किंग्स को 7... ACB Raid in Ramgarh: रामगढ़ प्रोबेशन ऑफिसर और ऑपरेटर रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार; एसीबी की बड़ी कार्... Ranchi Municipal Corporation News: होल्डिंग टैक्स पर 10% छूट पाने के लिए सिर्फ 14 दिन शेष; ऐसे करें ... Yoga Awareness in Jharkhand: स्कूलों में 5 दिवसीय कॉमन योग प्रोटोकॉल शुरू; 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लि... Jharkhand Rajya Sabha Election: रांची में सियासी हलचल; राज्यसभा चुनाव की रणनीति अब होटलों में, विधाय... Giridih News: ट्राई साइकिल के लिए रेंगकर दफ्तर पहुंचा दिव्यांग; कागजी खानापूर्ति में फंसी जगदीश की उ...
देश

बड़ी लापरवाही: लखनऊ से 2500 कोरोना संक्रमितों के गायब होने से खलबली, हजारों की रिपोर्ट भी लापता

लखनऊ।  भयंकर जानलेवा बन चुकी वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इससे पीडि़तों के साथ ही जिम्मेदार लोगों की बड़ी लापरवाही सामने रही है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों में राजधानी लखनऊ लम्बे समय से शीर्ष पर है और अब यहां पर करीब 2400-2500 संक्रमितों लोगों के गायब होने से प्रकरण बेहद गंभीर होने जा रहा है।

लखनऊ में कोरोना संक्रमित बड़ी संख्या में लोग गायब हैं। इन सभी संक्रमितों का फोन नंबर के साथ पता भी गलत दर्ज है। यह तो संक्रमितों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही है। संक्रमित अपने साथ ही अपने परिवार के लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं जबकि नगर निगम के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी प्रकरणों में एक बार भी भौतिक निरीक्षण करने की जहमत नहीं उठाई, अन्यथा बड़ी संख्या में गायब संक्रमित लाखों लोगों के जीवन पर खतरा न बनते। अब तो मामला सांप गुजर जाने के बाद लकीर पीटने का ही बनता है।

गलत फोन नम्बर

लखनऊ में कोरोना संक्रमण जांच कराने के दौरान फॉर्म में बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मोबाइल नम्बर के साथ ही घर का पता गलत लिखवा है। ऐसे ताजा 50 नये प्रकरण सामने आए हैं, जबकि अब तक ढाई हजार से अधिक कोरोना पॉजिटिव गायब हो चुके हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों की पड़ताल में जुट गया है। निजी व सरकारी लैब में जांच कराने वाले यह संक्रमित स्वास्थ्य विभाग के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।

तलाश करने का निर्देश 

विभाग ने संक्रमितों की तलाश करने का निर्देश दिया है। यह ऐसे लोग हैं, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है, लेकिन जब ट्रेसिंग टीम उनसे संपर्क की कोशिश करती है तो वह नहीं मिलते हैं। यह छिपे हुए संक्रमित समुदाय में मिलकर संक्रमण की नई चेन बना रहे हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी मिश्रा ने कहा कि गायब हुए संक्रमितों की सूचना पुलिस को देकर उनकी तलाश कराई जा रही है। सभी लैब को भी सूचना दी गई है। अब तक 2500 रोगी गायब हैं। लॉकडाउन से अनलॉक की प्रक्रिया में करीब ढाई हजार से अधिक पॉजिटिव जांच कराने बाद गायब हो चुके हैं। जिसके बाद अफसरों को बिना आइडी के जांच न कराए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी निजी व सरकारी लैब बिना आइडी लिए कोरोना जांच कर रहे हैं। फलस्वरूप पॉजिटिव मरीजों को ढूंढना पड़ रहा है।

केजीएमयू से तो रिपोर्ट ही लापता

लखनऊ में कोरोना भयावह हो गया है। हर रोज बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। बेलगाम हुई महामारी के पीछे लापरवाहियों का अंबार छिपा है। हाल में हुई पड़ताल में गंभीर मामला उजागर हुआ है। यहां हजारों संदिग्धों मरीजों की रिपोर्ट ही गायब मिली है। इन सभी का अब तो पॉजिटिव-निगेटिव होना महीनों से रहस्य बना हुआ है। आशंका है कि यह अनजाने में संक्रमण भी बांटते रहें। शहर में कोरोना का पहला मामला 11 मार्च को आया। सीएमओ की टीम ने संदिग्ध मरीजों के सैंपल संग्रह शुरू किए। पहले हर रोज 50-60 सैंपल संग्रह किए, फिर आंकड़ा चार सौ तक पहुंचा। सरकार ने कांटेक्ट ट्रेसिंग- सैंपलिंग कर मरीजों को समयगगत चिन्हित करने का सख्त निर्देश दिया। लिहाजा, जनपद में प्रतिदिन कोरोना टेस्टिंग का आंकड़ा दो हजार पार कर गया। महीनों से चल रहे टेस्टिंग अभियान में करीब डेढ़ लाख के करीब टेस्ट हो चुके हैं। वहीं सीएमओ दफ्तर के रिकॉर्ड में 2, 334 मरीजों की रिपोर्ट गायब मिली। यह रिपोर्टडिस्ट्रिक सॢवलांस पोर्टल से नदारद हैं। लिहाजा, टीम के सैंपल संग्रह-टेस्टिंग, रिपोॄटग सभी सवालों के घेरे में हैं। संदिग्धों में वायरस का समय पर कंफर्मेशन न होना भी शहर में संक्रमण के भयवाह होने की ओर आशंका प्रबल कर रहा है।

तीन माह से रिपोर्ट का इंतजार

सीएमओ की टीम संदिग्ध मरीजों के सैंपल संग्रह कर केजीएमयू जांच के लिए भेजती हैं। यहां मरीजों की रिपोर्ट अधिकतम 24 से 48 घंटे में उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है। मगर, मई, जून, जुलाई के 2,334 मरीजों की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय मिलने से इन्कार कर रहा है।

लैब इंचार्ज ने लापरवाही नकारी

केजीएमयू की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष व कोरोना लैब इंचार्ज डॉ. अमिता जैन ने मरीजों की रिपोर्ट गायब होने पर संस्थान की लापरवाही से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि लैब में कोई भी सैंपल, रिपोर्ट पेंडिंग नहीं हैं। जो भी सैंपल सीएमओ टीम से भेजे गए, उनकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर दी गईं। साथ ही अभी खुद के पास नोटिस पहुंचने से इन्कार किया। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है संबंधित मरीजों के सैंपल जनरेट या भेजे ही नहीं गए हों।

Related Articles

Back to top button