ब्रेकिंग
दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन ... डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड... रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक भारतीय उद्योगों को होगी ट्रांसफर मुंबई में ऑटो चालकों की मराठी परीक्षा पर नया विवाद: 'सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ रहा RTO', यूनियन ने ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल में हिजाब पहनने की याचिका: फैसले को चुनौती देगा AIMPLB; कोर्ट बो... सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालो... कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य व...
देश

बथनाहा में भाजपा के लिए तीसरी बार भी जीत सुनिश्चित कर लेने की है चुनौती

सीतामढ़ी। बथनाहा विधानसभा सीट पर इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प है। यह सुरक्षित सीट है। 1967 में यी अस्तित्व में आई। 2008 में परिसीमन के बाद बथनाहा विधानसभा सीट आरक्षित हो गई। इसके बाद हुए दोनों विधानसभा चुनावों 2010 और 2015 में यहां से भाजपा के दिनकर राम की ही जीत हुई। यह सीट 10 साल से भाजपा के कब्जे में है। यह इलाका नेपाल की सीमा पर होने के कारण संवेदनशील है। एनडीए की ओर से भारतीय जनता पार्टी के अनिल राम चुनावी समर में हैं। महागठबंधन की ओर से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार संजय राम चुनाव लड़ रहे हैं।

 वहीं राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी के उम्मीदवार चंद्गिका पासवान भी चुनावी समर में हैं। जनता पार्टी से रविरंजन पासवान, बहुजन मुक्ति पार्टी से शिव मंगल पासवान, किसान पार्टी ऑफ इंडिया से विजय पासवान, पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया(डेमोक्रेटिक) से कुनकुन मांझी चुनावी समर में हैं। राष्ट्रीय जनसंभवाना पार्टी के राजेश पासवान समेत 14 प्रत्याशी मैदान में हैं। सीटिंग विधायक दिनकर राम अपनी उम्र का हवाला देकर पोते के लिए टिकट चाह रहे थे, मगर भाजपा ने अनिल राम पर भरोसा जताया।

भाजपा के कई दिग्गज भी यहां से लडऩा चाहते थे, लेकिन अनिल राम सफल हुए। अब भितरघात की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। वहीं, महागठबंधन की ओर से कांग्रेस के संजय राम मैदान में हैं। राजद की ओर से भी मजबूत दावेदारी पेश की गई थी। सीट शेयरिंग में यह कांग्रेस के खाते में चली गई। इस वजह से राजद समर्थक नाराज होंगे। यहां रालोसपा से चंद्गिका पासवान भी किस्मत आजमा रहे हैं। तीनों नए चेहरे हैं। किन्हीं का सियासी ताल्लुक नहीं है। असल लड़ाई एनडीए-महागठबंधन के बीच ही है।

प्रमुख प्रत्याशी

अनिल राम (भाजपा)

संजय राम (कांग्रेस)

चंद्गिका पासवान (रालोसपा)

2015  के विजेता, उपविजेता और मिले मत :

दिनकर राम (भाजपा) : 74,763

सुरेंद्र राम (कांग्रेस) : 54,597

2010 विजेता, उपविजेता और मिले मत :

दिनकर राम (भाजपा) : 49,181

ललिता देवी (लोजपा) : 35, 889

2005 विजेता, उपविजेता और मिले मत 

नगीना देवी (लोजपा) 35640

सूर्यदेव राय (राजद) 26202

कुल वोटर : 306888

पुरुष वोटर :  161878 (52.74 प्रतिशत)

महिला वोटर : 144560 (47.10 प्रतिशत)

ट्रांसजेंडर वोटर : 14 (0.004 प्रतिशत)

जीत का गणित :

यह सुरक्षित क्षेत्र है। अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र में राम व पासवान की बहुलता है। सवर्ण में राजपूत की तदाद सबसे अधिक हैं। दूसरे नंबर पर ब्राह्मण व भूमिहार भी हैं। यादव और पिछड़ी जातियां भी हैं। इसके चलते इस सीट से 2005 के चुनाव में यादव प्रत्याशी की जीत हुई। इस सीट पर हार-जीत कोइरी, पासवान और रविदास मतदाताओं के हाथ में रहती है।

प्रमुख मुद्दे : 

–सुपैना घाट पर पुल निर्माण के लिए दशकों से टकटकी।

— बखरी पंचायत के पीतांबर के नजदीक से गुजरने वाली सोरन नदी की धारा पर पुल नहींं बन सका।

— डुमरी खुर्द से बसबिट्टा सड़क निर्माण व सहियारा को प्रखंड बनाने की मांग।

Related Articles

Back to top button