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मन की बात में PM मोदी ने ‘पानी’ पर दिया बड़ा संदेश, बोले- आइए इसे बनाते हैं एक जन आंदोलन

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में दोबारा जनादेश मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार देशवासियों के साथ रेडियो पर ‘मन की बात’ करते हुए कहा कि इतने महीनों से एक कमी महसूस कर रहा था। मोदी ने कहा कि चुनाव की आपाधापी में व्यस्तता तो ज्यादा थी लेकिन मन की बात का मजा ही गायब था । हम 130 करोड़ देशवासियों के स्वजन के रूप में बातें करते थे।

पीएम मोदी के मन की बात के प्रमुख अंश

  • मेरा पहला अनुरोध है – जैसे देशवासियों ने स्वच्छता को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया। आइए, वैसे ही जल संरक्षण के लिए एक जन आंदोलन की शुरुआत करें।
  • देशवासियों से मेरा दूसरा अनुरोध है। हमारे देश में पानी के संरक्षण के लिए कई पारंपरिक तौर-तरीके सदियों से उपयोग में लाए जा रहे हैं। मैं आप सभी से, जल संरक्षण के उन पारंपरिक तरीकों को share करने का आग्रह करता हू।
  • जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों का, स्वयं सेवी संस्थाओं का, और इस क्षेत्र में काम करने वाले हर किसी का, उनकी जो जानकारी हो, उसे आप #JanShakti4JalShakti के साथ शेयर करें ताकि उनका एक डाटाबेस बनाया जा सके।
  • हमारे देश में पानी के संरक्षण के लिए कई पारंपरिक तौर-तरीके सदियों से उपयोग में लाए जा रहे हैं। मैं आप सभी से, जल संरक्षण के उन पारंपरिक तरीकों को शेयर करने का आग्रह करता हूं।
  • जल की महत्ता को सर्वोपरि रखते हुए देश में नया जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है। इससे पानी से संबंधित सभी विषयों पर तेज़ी से फैसले लिए जा सकेंगे।
  • जो भी पोरबंदर के कीर्ति मंदिर जाएं वो उस पानी के टांके को जरुर देखें। 200 साल पुराने उस टांके में आज भी पानी है और बरसात के पानी को रोकने की व्यवस्था है, ऐसे कई प्रकार के प्रयोग हर जगह पर होंगे।
  • योग के क्षेत्र में योगदान के लिए Prime Minister’s Awards की घोषणा, अपने आप में मेरे लिए एक बड़े संतोष की बात थी। यह पुरस्कार दुनिया भर के कई संगठनों को दिया गया है शायद ही कोई जगह ऐसी होगी, जहां इंसान हो और योग के साथ जुड़ा हुआ न हो, इतना बड़ा, योग ने रूप ले लिया है मेरे प्यारे देशवासियो, मुझे और एक बात के लिए भी आपका और दुनिया के लोगों का आभार व्यक्त करना है।
  • 21 जून को फिर से एक बार योग दिवस में उमंग के साथ, एक-एक परिवार के तीन-तीन चार-चार पीढ़ियां, एक साथ आ करके योग दिवस को मनाया मैं चुनाव आयोग को, और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को, बहुत-बहुत बधाई देता हूं और भारत के जागरूक मतदाताओं को नमन करता हूं।
  • दुनिया में सबसे ज्यादा ऊंचाई पर स्थित मतदान केंद्र भी भारत में ही है। यह मतदान केंद्र हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्फिति क्षेत्र में 15000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
  • अरुणाचल प्रदेश के एक रिमोट इलाके में, महज एक महिला मतदाता के लिए पोलिंग स्टेशन बनाया गया।
  • आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों को वहां पहुंचने के लिए दो-दो दिन तक यात्रा करनी पड़ी – यही तो लोकतंत्र का सच्चा सम्मान हैः 2019 का लोकसभा का चुनाव अब तक के इतिहास में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव था।
  • भारत गर्व के साथ कह सकता है कि हमारे लिए, कानून नियमों से परे लोकतंत्र हमारे संस्कार हैं, लोकतंत्र हमारी संस्कृति है, लोकतंत्र हमारी विरासत है। और आपातकाल में हमने अनुभव किया था और इसीलिए देश, अपने लिए नहीं, लोकतंत्र की रक्षा के लिए आहुत कर चुका था।

बता दें कि मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद देशवासियों के साथ नियमित संवाद की परंपरा शुरू करते हुए हर महीने के अंतिम रविवार को रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम शुरू किया था। इसके माध्यम से वह विभिन्न मुद्दों पर लोगों को अपने विचारों से अवगत कराते थे और उनके सुझावों पर भी बात करते थे। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गत फरवरी में उन्होंने इस सिलसिले को बंद करने की घोषणा की

पहले कार्यकाल में उन्होंने 53 बार मन की बात कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने उस समय कहा था कि लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा का निर्वहन करते हुए वह अभी इस कार्यक्रम को विराम दे रहे हैं लेकिन मई में चुनाव संपन्न होने के बाद वह इसे दोबारा शुरू करेंगे। इस कार्यक्रम का प्रसारण अपराह्न 11 बजे रेडियो और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर किया जाता है। बाद में इसे प्रादेशिक भाषाओं में भी प्रसारित किया जाता है।

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