राजकोट, एएनआइ/प्रेट्र। गुजरात के राजकोट के एक कोरोना अस्पताल में देर रात भीषण आग लग गई। इस हादसे में पांच मरीजों की मौत हो गई है। यह हादसा राजकोट में शिवानंद अस्पताल के आईसीयू में भीषण आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गई। इस अस्पताल में कुल 33 मरीज भर्ती थे। कोरोना अस्पताल होने की वजह से आईसीयू में कुल 11 मरीज भर्ती थे। जिसमें पांच लोगों की झुलसने से मौत हो गई। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। आग के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। जानकारी पाए जाने तक आग बुझाने के लिए मौके पर कई दमकलों को भेजा गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका है। मावड़ी इलाके के उदय शिवानंद अस्पताल के आईसीयू में लगभग 1 बजे आग लग गई, जहां 33 मरीजों को भर्ती किया गया था। फायर ब्रिगेड के अधिकार जे बी थेवा ने कहा कि सात मरीजों को आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि हम मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की सूचना के बाद 30 मरीजों को बचाया गया। आग काबू में है। उन्होंने कहा कि आग के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है। उन्होंने कहा कि बचाए गए मरीजों को अन्य COVID-19 अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया है। फिलहाल कोई भी अधिकारी आग लगने के कारणों को लेकर कुछ नहीं बोल रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल बाकी मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने और अन्य कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है। आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जाएगा। अब तक की प्राप्त जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत आईसीयू से हुई थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल को अंतिम विदाई देने राहुल गांधी भरूच पहुंचे अपने पैतृक गांव में सुपुर्द-ए-खाक हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद अटेल, नम आंखों सी दी गई विदाई यह भी पढ़ें इससे पहले अहमदाबाद में भी ऐसा ही एक हादसा सामने आया था। अगस्त में अहमदाबाद के चार मंजिला निजी अस्पताल के शीर्ष तल पर आग लगने के बाद आठ COVID-19 रोगियों की मौत हो गई थी।

नई दिल्ली। मिग-29 का एक ट्रेनी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस घटना में एक पायलट को खोज निकाला गया है जबकि दूसरे पायलट की तलाश जारी है। भारतीय नौसेना ने इसकी जानकारी दी है। नौसेना ने बताया कि समुद्र में परिचालन करने वाला एक मिग-29 K ट्रेनी विमान कल यानि 26 नवंबर 2020 को लगभग 5 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में एक पायलट मिल गया है और दूसरे पायलट की तलाश की जा रही है। इसके लिए वायु और सतह इकाइयों को लगा दिया गया है। नौसेना के मुताबिक इस घटना की जांच के लिए एक आदेश दिया गया है।
मिग-29 विमान देश में इससे पहले भी कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। इसलिए इन्हें उड़ता ताबूत(फ्लाइंग कॉफिन) भी कहा जाता है। पिछले एक साल में देश में कई मिग-29 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। आइए नजर डालते हैं ऐसी ही कुछ दुर्घटनाओं पर-
8 मई, 2020- नवांशहर में खेतों में गिरा मिग-29, पायलट ने कूदकर बचाई जान
8 मई 2020 को पंजाब के नवांशहर में वायु सेना का लड़ाकू विमान मिग-29 तकनीकी गड़बड़ी के कारण क्रैश हो गया। पायलट ने कूदकर अपनी जान बचाई। इस दुर्घटना में विमान का पायलट पैराशूट के जरिये कूद गया। पायलट सुरक्षित रहा। इस विमान के क्रैश होने से खेतों में आग लग गई।
23 फरवरी, 2020- गोवा में मिग-29 विमान दुर्घटनाग्रस्त, ट्रेनिंग पायलट सुरक्षित
गोवा में नौसेना का एक मिग-29 विमान 23 फरवरी को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हालांकि, इस विमान में सवार पायलट बाल-बाल बच गया। विमान का पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया। बताया गया कि नेवी का मिग-29 विमान सुबह करीब साढ़े 10 बजे रूटीन ट्रेनिंग सेशन के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के कुछ वक्त बाद ही विमान के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसकी जानकारी तत्काल एयर ट्रैफिक कंट्रोल के अधिकारियों को दी गई। इसी बीच विमान क्रैश हो गया।






