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रोशनी का खेल, पीडीपी नेता के बेटे ने 600 रुपये में लूट ली पांच कनाल जमीन

जम्‍मू कश्‍मीर प्रशासन ने वीरवार शाम को रोशनी भूमि घोटाले का लाभ लेने वाले लोगों की चौथी सूची भी जारी कर दी। इस सूची में पीडीपी सरकार में मंत्री रहे काजी मुहम्मद अफजल के बेटे समेत करीब 2500 लाभार्थियों का नाम है। इन लोगों ने इस अवैध कानून की आड़ में सरकारी भूमि पर कब्जा जमाया है।

पीडीपी नेता काजी मोहम्मद अफजल के बेटे ने तो मात्र 600 रुपये में पांच कनाल और सात मरले जमीन पर कब्जा किया है। जारी सूची में अधिकतर कृषि योग्य भूमि को कागजों में वैध करार कर लाभार्थियों को इस पर कब्जे का मौका दिया गया। हैरानी की बात है कि कश्मीर में यह भूमि 10 रुपये प्रति कनाल और इससे भी कम में रोशनी योजना की आड़ में खरीद ली गई।

जम्मू कश्मीर प्रशासनिक विभाग की ओर से जारी सूची में कहा गया है कि रोशनी भूमि कानून की आड़ में जिन नौकरशाहों, नेताओं और उनके रिश्तेदारों ने जमीन पर कब्जा किया है, उनमें अधिकतर लाभार्थियों के नाम न तो राजस्व रिकॉर्ड में हैं और न ही उन्होंने इस भूमि का रिकॉर्ड राजस्व विभाग में दर्ज करवाने की जहमत उठाई है। ताजा सूची में रिटायर्ड डीआइजी खालिद दुर्रानी, मशहूर व्यापारी औवेस अहमद का भी नाम है, जिन्होंने दो कनाल से भी अधिक भूमि पर कब्जा कर रखा है।

सूची में 1425 लोग किसान हैं, जिन्होंने जम्मू की भलवाल तहसील में 15653 कनाल भूमि पर कब्जा किया है। इसी तरह जम्मू के उत्तरी भाग में 664 लाभार्थियों ने 2835 कनाल सरकारी भूमि पर कब्जा किया हुआ है। जम्मू वेस्ट में 88 लोगों की सूची में नाम शामिल किया गया है, जिन्होंने 514 कनाल जमीन कब्जाई हुई है।

जहां तक कश्मीर घाटी का सवाल है, 623 लाभार्थियों की सूची जारी की गई है। इनमें 288 जिला श्रीनगर, 133 बारामुला, 78 बांडीपोरा जिले से और कुपवाड़ा व गांदरबल जिलों से प्रत्येक 20 लाभार्थी शामिल हैं। दक्षिण कश्मीर के जिला अंनतनाग और कुलगाम से 13 और शोपियां से सात लाभार्थी शामिल हैं। गांदरबल जिले से ठेकेदार टिपू सुल्तान का नाम भी है। प्रशासन ने यह सूची जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के नौ अक्टूबर को दिए गए निर्देश के तहत जारी की है।

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