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इन दो छात्रों ने किया था मुखर्जी नगर मारपीट का वीडियो वायरल, बन सकते हैं अहम गवाह

नई दिल्ली। मुखर्जी नगर में ग्रामीण सेवा चालक और पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट का वीडियो बनाने वालों की क्राइम ब्रांच ने पहचान कर ली है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दो छात्रों ने मारपीट का वीडियो बनाकर वायरल किया था। इसके बाद ग्रामीण सेवा चालक के समर्थन में नेताओं ने वहां पहुंचकर घटना को धार्मिक रंग देने के साथ ही जमकर बवाल किया था। इसी वीडियो के आधार पर तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक दोनों छात्रों ने एक ही मोबाइल से यह वीडियो बनाया था। ये छात्र सोनीपत, हरियाणा के रहने वाले हैं और मुखर्जी नगर थाने के सामने किराये पर रहते हैं। पुलिस अधिकारी के मुताबिक ग्रामीण सेवा चालक और पुलिसकर्मियों के बीच जिस समय विवाद हुआ। उस समय यह दोनों छात्र अपनी बालकनी में खड़े थे।

गवाह बनाने की कोशिश करेगी पुलिस
एक छात्र ने अपने मोबाइल फोन से मारपीट की घटना को कैमरे में कैद कर लिया। इसमें दूसरे छात्र ने भी सहयोग किया था। क्राइम ब्रांच ने छात्र के मोबाइल फोन को केस प्रॉपर्टी के तौर पर जब्त कर लिया है। पुलिस दोनों छात्रों को चश्मदीद गवाह बनाने का प्रयास करेगी। दोनों छात्रों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। क्राइम ब्रांच अब दो सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल से बनाई गई तीन वीडियो को देखकर लोगों की पहचान करने में जुट गई है। पहचान करने के बाद जल्द उन्हें पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा जाएगा।

चिकित्सा अधीक्षक ने अभी तक नहीं दी राय
उधर, एएसआइ की मेडिकल रिपोर्ट पर बाबू जगजीवन राम अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने अब तक अपनी राय नहीं दी है। क्राइम ब्रांच ने एक सप्ताह पहले चिकित्सा अधीक्षक से चोट किस तरह की है, इस बारे में जानकारी मांगी थी। चिकित्सा अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर ही क्राइम ब्रांच ग्रामीण सेवा चालक के खिलाफ दर्ज मुकदमे में धाराएं तय करेगी।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी के नेतृत्व में दोनों मुकदमे की जांच की जा रही है। दोनों केस दो अलग-अलग इंस्पेक्टरों को सौंपे गए हैं। एक केस पुलिस व दूसरा ग्रामीण सेवा चालक की तरफ से दर्ज कराया गया था।

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