ब्रेकिंग
NDA संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक: पीएम मोदी की मौजूदगी में रोजगार पर प्रेजेंटेशन, 10 सालों में 17.1... रांची में JPSC-JSSC धांधली पर छात्रों का हुंकार: पूर्व चेयरमैन से घंटों पूछताछ, सीबीआई जांच की मांग ... गड्ढे के कारण TDRF जवान की मौत पर राजनीति गरम, विजय वडेट्टीवार का तंज— 'परिजनों से पुलिस का रवैया अस... भरतपुर: भगवान बांके बिहारी जी का दान किया हीरा बदलने का आरोप! रिकॉर्ड और बिल में भी मिली बड़ी गड़बड़... संसद सत्र का 12वां दिन हंगामे की चढ़ा भेंट, राम मंदिर चढ़ावे पर संग्राम और उपचुनाव नतीजों पर सियासी ... श्री सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ावे का नया कीर्तिमान: 5 वर्षों में मिले 962 करोड़ रुपये, जानें क्यों ... संभल में बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने की घोषणा पर विवाद, SDM कोर्ट ने दंपती को 20-20 हजार के म... बाबा महाकाल की भस्म आरती कैसे होती है तैयार? जानें कपिला गाय के कंडे, अखंड धूनी और पौराणिक कथाओं का ... कांवड़ यात्रा के दौरान यूपी-उत्तराखंड में हंगामा: मेरठ में पुलिस से मारपीट, लखनऊ में स्कूल वैन पर पथ... महाराष्ट्र राजनीति में भूचाल! सुनेत्रा पवार पर टिप्पणी को लेकर भड़कीं मनीषा तुपे, बोलीं— "इंदिरा गां...
देश

आज शाम 6 बजे सिंघु बॉर्डर जाएंगे केजरीवाल, कीर्तन दरबार में लेंगे हिस्सा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार को एक बार फिर से किसानों के बीच जाएंगे। केजरीवाल आज शाम 6 बजे सिंघु बॉर्डर जाएंगे, जहां पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। केजरीवाल शहीदी सप्ताह के दौरान सिंघू बॉर्डर पर कीर्तन दरबार में हिस्सा लेंगे। दिल्ली सीमा के पास बैठे किसानों ने 27-28 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह का शहीदी दिवस मनाने का ऐलान किया। इस दौरान बॉर्डर पर कीर्तन दरबार के साथ ही लंगर की भी व्यवस्था की है।

आज के ही दिन गुरु गोबिंद जी के पुत्रों को दीवार में जिंदा चुनवाया गया था। अत्याचारी चाहते थे कि साहिबजादे अपनी सिखी छोड़ दें, महान गुरु परंपरा छोड़ दें लेकिन साहिबजादे अडिग रहे। छोटी-सी उम्र में साहिबजादों ने गुरु परंपरा को छोड़ने की बजाए अपने प्राण देना बेहतर समझा। बता दें कि इससे पहले भी केजरीवाल बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचे थे। तब उन्होंने कहा था कि मैं मुख्यमंत्री बनकर नहीं एक सेवक बनकर आया हूं। वहीं किसानों की भूख हड़ताल पर केजरीवाल ने भी एक दिन का उपवास रखा था।

Related Articles

Back to top button