ब्रेकिंग
Gwalior News: ग्वालियर में लिफ्ट में फंसे मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, 10-15 म... Madhya Pradesh Local News: छिंदवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने और मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट प... MP Education Department Update: वर्ष 2001 से पहले नियुक्त शिक्षाकर्मियों को बड़ा फायदा, हाईकोर्ट ने ... Kanker Patwari Strike: कांकेर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से धान खरीदी और फसल सर्वे का काम... सूर्य नगर में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की नई सुविधा, ‘आयु आरोग्य’ के जरिए स्थानीय लोगों को मिल... Bilaspur Political News: बिलासपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, कांग्रेस भवन में हंगामे को लेकर पुल... Kawardha Police Action: सरेआम धारदार हथियार लेकर घूम रहे थे बदमाश, सिटी कोतवाली पुलिस ने दबोचा Chhattisgarh News: कोरबा में पटवारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 13 अक्टूबर से उग्र आंदोलन का ऐला... Latehar News: चंदवा के ब्रजमोहन राम बने ओडिशा के राज्यपाल, झारखंड और पलामू में जश्न का माहौल SIR Voter List Jharkhand: 30 नवंबर तक होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन, एक दस्तावेज देकर दर्ज कराएं...
विदेश

जर्मनी में नेताजी की बेटी अनीता बोस ने कहा, सुभाष चंद्र बोस का देश प्रेम अदभुत था

म्यूनिख। महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जंयती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाए जाने के दौरान उनकी पुत्री अनीता बोस फाफ ने कहा कि नेता जी देश प्रेम के आगे सब कुछ त्याग देते थे। उनका देश प्रेम अद्भुत था। जर्मनी में अर्थशास्त्री अनीता बोस ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस विचारशील होने के साथ ही काम करने में विश्वास रखते थे।

वो चाहते थे कि उनका देश आधुनिक होने के साथ ही विश्व में सबसे अग्रणी हो। उसकी जड़ें धार्मिक परंपराओं, दर्शन और इतिहास के मामले में भी उतनी ही मजबूत हों। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई गंभीर चुनौतियों का साहसिक तरीके से सामना किया। नेताजी अपने देश से बहुत प्यार करते थे। देश के लिए कितना भी बड़ा त्याग करने के लिए तैयार रहते थे। इसके साथ ही वह अपने परिवार और मित्रों से भी उतना ही प्यार करते थे।

अनीता बोस ने कहा कि नेताजी धार्मिक व्यक्ति थे, उनका विश्वास हिंदू धर्म में था, लेकिन वह अन्य धर्मों का भी उतना ही आदर करते थे। वह अन्य धर्मों का सम्मान करने के लिए अपने समर्थकों, आजाद हिंद फौज और परिवार को भी प्रेरित करते थे। म्यूनिख के महावाणिज्य दूत मोहित यादव ने पराक्रम दिवस पर कहा कि नेताजी के संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

Related Articles

Back to top button