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ईरान ने जिब्राल्टर में ब्रिटेन द्वारा पकड़े गए तेल टैंकर को छोड़ने की मांग की, कही ये बात

तेहरान। ईरान ने ब्रिटिश नौसेना द्वारा जिब्राल्टर में उसके तेल टैंकर को पकड़े जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने ब्रिटेन से तेल टैंकर को तुरंत छोड़ने की मांग की है। ईरान ने इस मामले में ब्रिटेन पर अमेरिका के दबाव में ऐसा काम करने का आरोप लगाया है।ईरान की ओर से विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ब्रिटिश राजदूत रॉब मैकएयर के साथ बैठक में ब्रिटेन के इस कदम को अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने बयान में कहा ‘उन्होंने तेल टैंकर की तत्काल रिहाई का आह्वान किया, यह देखते हुए कि यह अमेरिका के अनुरोध पर जब्त किया गया है।’

बता दें, ब्रिटिश नौसेना और जिब्राल्टर के अधिकारियों ने सीरिया जा रहे एक बड़े तेल टैंकर को पकड़ा है। इस मालवाहक पोत को यूरोपीय यूनियन (ईयू) के प्रतिबंधों की अवहेलना के आरोप में पकड़ा गया है। ईयू ने 2011 से ही सीरिया पर पाबंदी लगा रखी है।

ब्रिटेन के अधिकार क्षेत्र वाले जिब्राल्टर द्वीप के अधिकारी फैबियन पिकार्डो ने बताया कि कच्चे तेल से भरे ग्रेस-1 नाम के इस तेल टैंकर को सीरिया की बनयास रिफाइनरी भेजा जा रहा था। शुरुआती जांच में ग्रेस-1 के मैपिंग डाटा से पता चला कि यह ईरान से चला था। अगर इसकी पुष्टि हुई कि पोत पर लदा कच्चा ईरान का है तो यह एक और कड़े प्रतिबंध का उल्लंघन होगा।

अमेरिका ने ईरान पर तेल निर्यात समेत कई कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। मैपिंग डाटा में यह बात भी सामने आई कि टैंकर ईरान से सबसे सुगम समुद्री मार्ग स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के दक्षिणी छोर होते हुए लंबे रूट के जरिये सीरिया जा रहा था।

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