ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ी: वाशिम समेत कई केंद्रों पर हंगामा, छात्रों न... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ...
देश

महाराजा सुहेलदेव की जयंती पर PM मोदी करेंगे परियोजनाओं का शिलान्‍यास

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महाराजा सुहेलदेव की जयंती पर मंगलवार को बहराइच के चित्तौरा झील के विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मंगलवार को उत्तर प्रदेश में बहराइच के चित्‍तौरा झील के विकास कार्यों का शिलान्‍यास करेंगे। इस मौके पर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ भी मौजूद रहेंगे। इस परियोजना में महाराजा सुहेलदेव की एक घोड़े पर सवार प्रतिमा की स्‍थापना, कैफेटेरिया, अतिथि गृह और बच्‍चों के पार्क जैसी विभिन्‍न पर्यटक सुविधाओं को शामिल किया गया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार महाराजा सुहेलदेव का देश के लिए समर्पण और सेवा सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस स्‍मारक स्‍थल के विकास से देश महाराजा सुहेलदेव की वीर गाथाओं से परिचित हो जाएगा और इन विकास कार्यों से इस स्‍थल की पर्यटक क्षमता में वृद्धि होगी। उत्तर प्रदेश में कभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में साझेदार रही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने इस फैसले पर खुशी जताई है लेकिन पार्टी का आरोप है कि भाजपा गले में माला पहनाने के साथ विचारों पर ताला लगाना चाहती है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के महासचिव अरुण राजभर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से रविवार को कहा, ”यह खुशी की बात है क्‍योंकि जिस महापुरुष को लोग याद नहीं करना चाहते थे, उन्हें हमारी पार्टी के अध्‍यक्ष ओमप्रकाश राजभर के 18 वर्षों के संघर्ष के बाद लोग याद करने लगे हैं।”

अरुण राजभर ने कहा, ‘‘अगर महाराजा सुहेलदेव की जयंती मनाई जा रही है तो भाजपा उनका पूरा नाम महाराजा सुहेलदेव राजभर लिखे, क्‍योंकि अगर पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय का पूरा नाम वे लिख सकते हैं तो महाराजा सुहेलदेव राजभर का क्‍यों नहीं।” उन्‍होंने कहा, ‘‘भाजपा गले में माला पहनाने के साथ विचारों पर ताला लगाना चाहती है।” राजभर ने आरोप लगाया, ‘‘महाराजा सुहेलदेव के नाम के आगे से राजभर हटाकर पासी समेत कई समाज के लोगों को भाजपा खुश करना चाहती है।” महाराजा सुहेलदेव को उत्‍तर प्रदेश का पासी समाज भी अपना पूर्वज मानता है जबकि राजभर समाज भी उन पर अपना दावा करता है।

उल्‍लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में राजभर समाज की बड़ी आबादी है और राजनीतिक दल उन्‍हें लुभाने की कोशिश करते हैं। राजभरों के नेता ओमप्रकाश राजभर ने सुहेलदेव के नाम पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी बनाई और 2002 से लगातार विधानसभा और लोकसभा चुनावों में किस्‍मत आजमा रहे हैं। ओमप्रकाश राजभर इस समय भागीदारी संकल्‍प मोर्चा के बैनर तले एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी समेत कई दलों के नेताओं को एक मंच पर लाकर 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। ओमप्रकाश राजभर के पुत्र और उनकी पार्टी के महासचिव अरुण राजभर ने आरोप लगाया कि महाराजा सुहेलदेव के नाम पर डाक टिकट जारी किया गया तो उसमें भी उनके नाम के आगे से राजभर हटा दिया गया।

गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले गाजीपुर के एक कार्यक्रम में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक डाक टिकट जारी किया था। इस कार्यक्रम से भाजपा गठबंधन में रहते हुए भी ओमप्रकाश राजभर ने खुद को अलग कर लिया था। उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा के तत्कालीन अध्‍यक्ष अमित शाह ने बहराइच में सुहेलदेव की प्रतिमा का अनावरण किया था। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री रहते हुए राजनाथ सिंह ने भी राजधानी लखनऊ में महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा का अनावरण किया था। महाराजा सुहेलदेव की पहचान मुस्लिम आक्रमणकारी को हराने की है। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने 16 फरवरी को बसंत पंचमी पर महाराजा सुहेलदेव जयंती समारोह के अवसर पर प्रदेश के सभी शहीद स्थलों और स्मारकों पर माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा महाराजा सुहेलदेव के शौर्य एवं बलिदान, भारत के गौरवशाली इतिहास की महान विभूतियों, स्वतंत्रता संग्राम के नायकों, प्राचीन, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास तथा स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाने की घोषणा की है।

शनिवार को जारी सरकारी बयान के अनुसार सरकारी विभागों के साथ-साथ विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, निजी प्रकाशकों के माध्यम से भी पुस्तक प्रदर्शनी एवं बिक्री के कार्य किये जायेंगे। शिक्षा विभाग द्वारा जिले स्तर पर विद्यार्थियों के मध्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी महाराजा सुहेलदेव के शौर्य एवं बलिदान पर आधारित विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किया जायेगा। उत्‍तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ द्वारा महाराजा सुहेलदेव के शौर्य, बलिदान एवं जीवन संघर्षों पर आधारित प्रदर्शन का आयोजन कर मुख्य कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा विस्तृत कार्य योजना बनाकर महाराज सुहेलदेव के शौर्य, बलिदान एवं अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से संबंधित पुस्तकों और अभिलेखों का डिजिटल संस्करण तैयार किया जायेगा।

Related Articles

Back to top button