ब्रेकिंग
Gwalior News: ग्वालियर में लिफ्ट में फंसे मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, 10-15 म... Madhya Pradesh Local News: छिंदवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने और मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट प... MP Education Department Update: वर्ष 2001 से पहले नियुक्त शिक्षाकर्मियों को बड़ा फायदा, हाईकोर्ट ने ... Kanker Patwari Strike: कांकेर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से धान खरीदी और फसल सर्वे का काम... सूर्य नगर में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की नई सुविधा, ‘आयु आरोग्य’ के जरिए स्थानीय लोगों को मिल... Bilaspur Political News: बिलासपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, कांग्रेस भवन में हंगामे को लेकर पुल... Kawardha Police Action: सरेआम धारदार हथियार लेकर घूम रहे थे बदमाश, सिटी कोतवाली पुलिस ने दबोचा Chhattisgarh News: कोरबा में पटवारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 13 अक्टूबर से उग्र आंदोलन का ऐला... Latehar News: चंदवा के ब्रजमोहन राम बने ओडिशा के राज्यपाल, झारखंड और पलामू में जश्न का माहौल SIR Voter List Jharkhand: 30 नवंबर तक होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन, एक दस्तावेज देकर दर्ज कराएं...
देश

विश्व भारती विश्वविद्यालय में बोले PM मोदी, आत्मनिर्भर भारत में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति अहम कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में एक ‘अहम पड़ाव’ करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि यह पुरानी बेड़ियों को तोड़ने के साथ ही विद्यार्थियों को अपना सामर्थ्य दिखाने की पूरी आजादी देती है। विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इस विश्वविद्यालय में जो व्यवस्थाएं विकसित की थीं वह शिक्षा व्यवस्था को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त करने और आधुनिक बनाने का एक माध्यम थी।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर ने जो अद्भुत धरोहर मां भारती को सौंपी है, उसका हिस्सा बनना, आप सभी साथियों से जुड़ना, मेरे लिए प्रेरक भी है और आनंददायक भी है। इस बार तो कुछ समय के अंतराल पर मुझे दूसरी बार ये मौका मिला है।

पीएम मोदी के संबोधन के प्रमुख अंश

  • आप सिर्फ एक विश्वविद्यालय का ही हिस्सा नहीं हैं, बल्कि एक जीवंत परंपरा का हिस्सा भी हैं। गुरुदेव अगर विश्व भारती को सिर्फ एक यूनिवर्सिटी के रूप में देखना चाहते, तो वो इसे ग्लोबल यूनिवर्सिटी या कोई और नाम दे सकते थे, लेकिन उन्होंने इसे विश्व भारती
  • गुरुदेव कहते थे – हे श्रमिक साथियों, जानकर साथियों, हे समाजसेवियों, हे संतों, समाज के सभी जागरूक साथियों। आइये समाज की मुक्ति के लिए मिलकर प्रयास करें।
  • जिस प्रकार सत्ता में रहते हुए संयम और संवेदनशील रहना पड़ता है, रहना जरूरी होता है, उसी प्रकार हर विद्वान को, हर जानकार को भी उनके प्रति जिम्मेदार रहना पड़ता है जिनके पास वो शक्ति है।
  • आपका ज्ञान सिर्फ आपका नहीं, बल्कि समाज की, देश की हर एक भावी पीढ़ियों की भी वो धरोहर है।
  • आपका ज्ञान अपकी स्किल एक समाज, एक राष्ट्र को गौरवान्वित भी कर सकती है।
  • गुरुदेव टैगोर के लिए विश्व भारती सिर्फ ज्ञान देने वाली एक संस्था मात्र नहीं थी। ये एक प्रयास है भारतीय संस्कृति के शीर्षस्थ लक्ष्य तक पहुंचने का।
  • आपके जीवन के इस महत्वपूर्ण अवसर पर आप सभी युवा साथियों को, माता पिता को और गुरुजनों को मैं बहुत बहुत बधाई और अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (Chancellor) भी हैं। राज्यपाल विश्वभारती के ‘रेक्टर’ भी हैं।

Related Articles

Back to top button