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जसप्रीत बुमराह के गेंदबाजी एक्शन का खूब उड़ा है मजाक और होता रहा है शक

अहमदाबाद। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बॉलिंग एक्शन का खूब मजाक उड़ा है और उनके खिलाफ इस अजीब एक्शन की शिकायत भी हुई है। हालांकि, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसा नहीं देखा गया है, लेकिन अपने स्कूल के दिनों में जसप्रीत बुमराह के एक्शन पर शक हुआ है। स्कूल की एकेडमी में अपने क्विक आर्म एक्शन और शॉर्ट रनअप से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले जसप्रीत बुमराह के खिलाफ कुछ पेस बॉलिंग ट्रेनीज ने अपने कोच से शिकायत की थी। उन गेंदबाजों ने बुमराह के एक्शन पर शक जाहिर करने के साथ-साथ उनका मजाक भी उड़ाया था।

निर्माण हाई स्कूल के रॉयल क्रिकेट एकेडमी (आरसीए) के कोच किशोर त्रिवेदी बताते हैं, “लड़कों ने कहा कि वह (बुमराह) गेंद थ्रो कर रहे हैं और उनका एक्शन ठीक नहीं है। मैं भी हैरान था कि छोटे से रनअप से बुमराह को कैसे इतना पेस मिल रहा था। उसका एक्शन असामान्य था, लेकिन मैंने कहा कि वह थ्रो नहीं कर रहे हैं। मैंने लड़कों से कहा कि उन्हें ऐसा इसलिए लगता है, क्योंकि बुमराह का फ्रंट आर्म काफी ऊंचाई तक जाता है।” उसी समय त्रिवेदी को लगा कि बुमराह के एक्शन में सुधार की जरूरत है, लेकिन ज्यादा नहीं। ऐसे में उन्होंने बुमराह के एक्शन में थोड़ा बदलाव कराया।

कोच किशोर याद करते हुए बताते हैं, “मैंने जसप्रीत बुमराह से कहा कि वह गंभीरता से खेलना शुरू करें तो मैं उन्हें आरसीए टीम के लिए टूर्नामेंट्स खेलने के लिए भेजूंगा। अपनी रफ्तार से वह चर्चा में आने लगे। इसके बाद मैंने उनसे कहा कि वह चयन के लिए जाएं। मैंने साथ ही उनसे कहा कि वह अपना एक्शन नहीं बदलें। यह आपका नेचुरल एक्शन है और यह बदला नहीं जाना चाहिए। यह आपका हथियार है।” हालांकि, उसी स्कूल की वाइस प्रिंसिपल और उनकी मां को लगता था कि वो क्रिकेटर नहीं बनेगा, लेकिन कोच किशोर के समझाने पर वो मान गईं और बुमराह को क्रिकेट खेलने दी।

इसके बाद जसप्रीत बुमराह अपने राज्य गुजरात के लिए अंडर 19 टीम के ट्रायल के लिए गए। यहां भी बुमराह को गेंदबाजी एक्शन के कारण कुछ लोगों का विरोध झेलना पड़ा। कुछ चयनकर्ता उनके एक्शन को लेकर अलग ही राय रखते थे। इसके बाद यह फैसला लिया गया कि अगर उनका चयन मुख्य टीम के लिए नहीं होता है तो उन्हें रिजर्व खिलाड़ियों के तौर पर रखा जाएगा। ऐसे में साल 2013 में बुमराह अपने राज्य के लिए टी20 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलने गए। वहां गुजरात के पूर्व खिलाड़ी और कोच हितेश मजूमदार ने उन्हें देखा।

टी20 घरेलू टूर्नामेंट से जसप्रीत बुमराह का चयन 2013 के आइपीएल के लिए मुंबई इंडियंस टीम में हुआ। अगले सीजन में वह गुजरात के लिए रणजी खेले और फिर लगातार आइपीएल में भी खेलते रहे। आइपीएल में उनका पहला शिकार विराट कोहली बने थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और फिर देश के लिए टी20, वनडे और फिर टेस्ट क्रिकेट में खेलने लगे। फिलहाल, जसप्रीत बुमराह टेस्ट सीरीज के आखिरी मुकाबले को नहीं खेल पाएंगे, क्योंकि निजी कारणों से बुमराह ने बायो-बबल से बाहर आने का फैसला किया है।

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