ब्रेकिंग
कृषि मंत्री ने मुख्य कृषि अफ़सरों के साथ वीडियो कान्फ़्रेंस के द्वारा बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति का ... जीएसटी दर तार्किकरण के तहत राज्यों की वित्तीय स्थिरता के लिए मजबूत मुआवजा ढांचा तैयार किया जाए – हरप... मुख्यमंत्री की ओर से पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए उच्... बाढ़ के बीच ‘आप’ विधायक ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप आदर-सम्मान से सुरक्षित पहुंचाया, सीएम,... दरभंगा में PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार, कांग्रेस से है जुड़ा देश के लिए सिर कटा देंगे, लेकिन सत्ता के लिए समझौता नहीं करेंगे- केजरीवाल ने साधा बीजेपी पर निशाना PM मोदी पर टिप्पणी कांग्रेस-RJD की निंदनीय हरकत, राहुल गांधी माफी मांगे- भजनलाल शर्मा जम्मू में कुदरत का त्राहिमाम: बारिश से मची तबाही में 45 की मौत, उजड़े सैकड़ों आशियाने… स्कूल-कॉलेज ब... रांची: स्कूल जा रही मां-बेटी को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदा, मौके पर ही दोनों की मौत दामाद को पिलाया मिर्च का पानी, कान में डाली तेल से भिगोई रूई, फिर आंखों में झोंका चिली पाउडर… जादू ट...
देश

भारत चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की 11वें दौर की बैठक, पूर्वी लद्दाख में बाकी इलाकों से जवानों की वापसी पर चर्चा

नई दिल्‍ली। भारत और चीन (India and China) ने पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग, गोगरा और देपसांग जैसे गतिरोध वाले शेष हिस्सों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए शुक्रवार को बैठक की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारतीय क्षेत्र में चुशुल सीमा क्षेत्र पर सुबह करीब साढ़े दस बजे कोर कमांडर स्तर की 11वें दौर की बैठक शुरू हुई। इसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन (PGK Menon) ने की।

सूत्रों ने बताया कि बातचीत के दौरान भारत ने शेष विवादित इलाकों से जल्द से जल्द सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया। पिछले महीने सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने ने कहा था कि पैंगोग झील के आसपास के इलाके से सैनिकों के पीछे हटने से टकराव का खतरा कम तो हुए है लेकिन यह पूरी तरह खत्‍म नहीं हुआ है।

मालूम हो कि पिछले साल भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैंगोंग झील के आसपास हुई हिंसक झड़प के चलते तनाव पैदा हो गया था। इसके बाद दोनों देशों ने एलएसी पर हजारों सैनिकों की तैनाती कर दी थी। कई दौर की सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ता के बाद फरवरी में दोनों देशों के बीच पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से से सैनिकों और हथियारों को हटाने पर सहमति बनी थी।

इससे पहले 10वें दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता 20 फरवरी को हुई थी। यह वार्ता करीब 16 घंटे चली थी। भारत लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि दोनों देशों के बीच अच्‍छे संबंधों के लिए सीमा पर शांति बरकरार होना जरूरी है। भारत ने पिछले हफ्ते यह उम्मीद जताई थी कि चीन पूर्वी लद्दाख के बाकी टकराव वाले बिंदुओं से अपनी सेना पीछे हटाने की दिशा में कदम उठाएगा।

Related Articles

Back to top button