ब्रेकिंग
ILBS का 'लिवर मिशन': दिल्ली मॉडल से होगा हर नागरिक का फ्री चेकअप, सरकार ने खोला मदद का पिटारा कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें: किसान आंदोलन पर टिप्पणी मामले में कल बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश मराठी कार्ड पर छिड़ा घमासान! भाजपा अध्यक्ष बोले- भाषा के नाम पर जहर न घोलें, वोटिंग से पहले सियासी प... मिसाइल से लेकर माइंडसेट तक... सेना प्रमुख ने समझाया क्या है 'शौर्य संप्रवाह', दुश्मनों के लिए बजाई ख... सावधान! उत्तर भारत में जारी है 'कोल्ड वेव' का कहर; रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी, जानें मौसम विभाग की नई चे... प्रयागराज माघ मेला: श्रद्धालुओं के बीच मची चीख-पुकार, दूसरे दिन भी भड़की आग; आखिर कहाँ है सुरक्षा इं... तनाव के बीच तेहरान से आया राहत भरा मैसेज: 'टेंशन मत लेना...', जानें ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का ... शमशान से घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गया परिवार! सीकर में भीषण हादसा, एक साथ उठीं 6 अर्थियां राणा बलचौरिया मर्डर केस में SSP मोहाली के बड़े खुलासे, गिरफ्तार शूटरों ने बताए चौंकाने वाले सच घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच खुले पंजाब के स्कूल, अभिभावकों ने उठाई छुट्टियां बढ़ाने की मांग
देश

ऑक्सीजन उत्पादन में आत्मनिर्भर बना सोनभद्र, प्रतिदिन भरे जा रहे 300 से 350 सिलेंडर

सोनभद्रः उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री व सोनभद्र प्रभारी डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि अनपरा स्थित बंद पड़े आक्सीजन प्लांट को ठीक कराकर उससे उत्पादन शुरू होने के बाद जिला आक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर हो गया है।

बंद पड़े आक्सीजन प्लांट को अतिशीघ्र शुरू कराने व आक्सीजन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने पर डॉ द्विवेदी ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों तथा तकनीकी कर्मियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि अब सोनभद्र के अनपरा में ऑक्सीजन प्लांट का सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है जहां से प्रतिदिन 300 से 350 सिलेंडर भरे जा रहे हैं जिससे ना केवल जिले के कोविड अस्पताल एवं अन्य सरकारी अस्पतालों बल्कि सभी निजी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन की पूरी आपूर्ति हो रही है। इतना ही नहीं सोनभद्र आवश्यकता पड़ने पर अपने पड़ोसी जिले को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में सक्षम हो गया है।

इसके अलावा जिला चिकित्सालय में 38 बेड को ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था अलग से कर ली गई है। इस तरह से मोदी- योगी सरकार के कुशल प्रबंधन में सोनभद्र ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर हो गया है। सोनभद्र के निजी अस्पतालों के लिए एक-एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है ताकि मरीजों को भर्ती होने और इलाज होने में असुविधा ना हो। जिले में आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की 1500 से अधिक टीमें डोर टू डोर कैंपेन चला कर कोविड के लक्षणों वाले लोगों की जांच कर रही है और जागरूक कर रही है।

Related Articles

Back to top button