ब्रेकिंग
Vande Bharat and Shatabdi Comparison: वंदे भारत और शताब्दी एक्सप्रेस में क्या है मुख्य अंतर? जानिए य... Gold Silver Price Update Punjab: सोना खरीदने वालों को राहत, चांदी के दामों में उछाल; जानें पंजाब में... Jalandhar Fake News Alert: न्यू शहीद बाबू लाभ सिंह नगर स्कूल में नहीं हुआ कोई किडनैपिंग का प्रयास; प... Ludhiana GST Raid News: लुधियाना के सर्राफा बाजार में जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई; जगदंबे ज्वैलर्स... Amritsar Medical News: गुरु नानक देव अस्पताल में जल्द शुरू होंगी सुपर स्पेशलिटी सेवाएं; किडनी ट्रांस... Religious Procession Guidelines: धार्मिक जुलूसों में पटाखे और लाउडस्पीकर पर रोक की तैयारी; बॉम्बे हा... IIT Bombay Sahil Wakode Case: साहिल वाकोडे खुदकुशी मामले में बोले राज ठाकरे; IIT प्रशासन और जातिगत र... Sirohi Municipal Election: सिरोही में मंदिर में कसम खाने के बाद भी बीजेपी में क्रास वोटिंग! पूजा माल... Ranchi Power Cut Today: रांची के कई इलाकों में आज घंटों गुल रहेगी बिजली; देखें आपके क्षेत्र का पावर ... Jharkhand Pride: सरायकेला का चांडिल डैम राष्ट्रीय राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए नामांकित; पूरे राज्य का...
देश

छह महीने के अंदर कभी भी ले सकते हैं कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज, विशेषज्ञों की राय

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ भारत में दी जा रही वैक्सीन कोविशील्ड की दो डोज के बीच अंतर को देश में इनदिनों बहस छिड़ी हुई है। हर तरफ इसको लेकर लोग चर्चा कर रहे हैं। देश के लोगों में चार से छह हफ्ते, छह से आठ हफ्ते या आठ से 12 हफ्ते के अंतराल को लेकर भ्रम बना हुआ है। भारत ने इस अंतराल को जहां और बढ़ा दिया है, वहीं ब्रिटेन ने इसे घटा दिया है।

इस बीच, विशेषज्ञों ने कहा है कि आप छह महीने के भीतर कभी भी कोविशील्ड की दूसरी डोज ले सकते हैं और यह बूस्टर डोज की तरह काम करेगी यानी प्रभावी तरीके से। जाने-माने प्रतिरक्षा विज्ञानी सत्यजीत रथ ने कहा है कि वैक्सीन की पहली डोज लेने के चार हफ्ते के बाद से लेकर छह महीने के अंदर कभी भी दूसरी डोज ली जा सकती है।

टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह की सिफारिशों पर सरकार ने पिछले हफ्ते कोविशील्ड की दो डोज के बीच अंतराल को बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया था। पहले यह छह-आठ हफ्ते का था।  इसके एक दिन बाद ही ब्रिटेन ने भारत में पाए गए कोरोना वायरस के बी.1.617 वैरिएंट के तेज प्रसार को देखते हुए अपने यहां इस अंतराल को 12 हफ्ते से घटाकर आठ हफ्ते कर दिया। मंत्रालय का यह भी कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमण मुक्त होने वाले लोगों को चार से आठ हफ्ते के बाद ही वैक्सीन लगवानी चाहिए

वैक्सीन की दूसरी डोज को लेकर विशेषज्ञों की राय

जाने माने प्रतिरक्षा विज्ञानी सत्यजीत रथ ने कहा कि दो डोज के बीच अंतराल बहुत लचीला है। चार हफ्ते के बाद छह महीने के भीतर कभी भी दूसरी डोज ली जा सकती है। उनका कहना है कि वैक्सीन की डोज कभी लेना सुरक्षित है, लेकिन चार हफ्ते के पहले ही दूसरी डोज लेने पर उसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं प्रतिरक्षा विज्ञानी विनीता बल ने कहा अंतराल बढ़ाने जैसे फैसले कई तथ्यों को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। अधिकतम अंतराल पर दूसरी डोज सबसे ज्यादा प्रतिरक्षा प्रदान करेगी।

Related Articles

Back to top button