958 किसानों की चना फसल खराब, दो साल बाद भी क्षतिपूर्ति नहीं

धमतरी। दो साल पहले बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से धमतरी तहसील के 958 किसानों का चना फसल काफी प्रभावित हुआ था। कुछ किसानों के 80 प्रतिशत तक फसल खराब हो गई थी। सर्वे के बाद इन किसानों के लिए तहसील न्यायालय से क्षतिपूर्ति राशि जारी की गई थी, लेकिन यह राशि अब तक किसानों को नहीं मिल पाई है, इससे किसानों में नाराजगी है।
ग्राम कंडेल के किसान राधेश्याम साहू, जितेंद्र कुमार साहू, हेमलाल, त्रिलोकी राम, भीखम सिन्हा, गिरधारी साहू, दिलीप कुमार, राजेंद्र साहू आदि किसानों ने बताया कि शासन से क्षतिपूर्ति की राशि स्वीकृत हुए करीब दो साल से अधिक होने वाला है, लेकिन अब तक प्रभावित किसानों को यह राशि शासन की ओर से नहीं दी गई है। जबकि इस राशि की किसानों को जरूरत है।
पीड़ित किसानों ने शासन से जारी इस राशि को दिलाने गुहार लगाई है। प्रभावित किसानों ने बताया कि वर्ष 2019-2020 में धमतरी तहसील के ग्राम सांकरा, कंडेल, बोदाछापर, तरसीवां समेत अन्य गांवों के किसानों ने रबी सीजन में चना फसल लगाए थे। फसल पक कर तैयार थी, कटाई होना शेष था।
इस बीच बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की चना फसल व दलहन तिलहन बर्बाद हो गई, इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ था।
तहसीलदार के न्यायालय से क्षतिपूर्ति स्वीकृत
राज्य शासन के आदेशानुसार जिला प्रशासन की राजस्व टीम ने प्रभावित किसानों के खराब हुए चना फसल का सर्वे कर धमतरी तहसील के 958 किसानों के फसल खराब होना चिन्हांकित किया था। तहसील न्यायालय के माध्यम से इन प्रभावित किसानों के लिए आरबी 6-4 के तहत क्षतिपूर्ति राशि करीब तीन लाख 18384 रुपये की स्वीकृति मिली थी। इनमें से प्रत्येक किसानों को 1000 से 9000 रुपये तक दिया जाना था। यह राशि स्वीकृत हो गई, लेकिन किसानों को अब तक नहीं मिला है। इससे किसानों में नाराजगी है।
बैंक अकाउंट व आइएफएससी देकर जानकारी लें
जिन किसानों को क्षतिपूर्ति राशि नहीं मिल पाई है, ऐसे किसान अपना बैंक खाता नंबर, आइएफएससी कोड तहसील कार्यालय में जमा कराकर पूरी जानकारी ले सकते हैं।






