बिलासपुर में भी सजने लगा नंदीघोष रथ, महाप्रभु के पास हाजिरी लगा रहे भक्त

बिलासपुर। रथयात्रा के नवमें दिन 20 जुलाई को महाप्रभु भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अपनी मौसी के घर से विदा लेंगे। बहुड़ा यात्रा को लेकर अब तैयारी शुरू हो चुकी है। मौसी के घर (मंदिर) में महाप्रभु का रथ नंदीघोष फिर से सजने लगा है। मां लक्ष्मी द्वारा रथ को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था जिसे अब पुन: ठीक कर लिया गया है।
गुंडिचा यात्रा (रथयात्रा) के बाद अब वापसी बाहुड़ा यात्रा की धूमधाम से तैयारी की जा रही है। रेलवे परिक्षेत्र स्थित जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु के आगमन को लेकर उत्साह है। फिलहाल श्रद्धालु भक्त महाप्रभु के पास प्रतिदिन हाजिरी लगा रहे हैं। आशीर्वाद लेने मास्क पहनकर पहुंच रहे हैं। कोरोना महामारी के बीच इस साल केवल परंपरा का निवर्हन किया जा रहा है। बाहुड़ा यात्रा के दिन भी रथ का शहर भ्रमण नहीं होगा। मौसी मां के घर से सीधे मंदिर पहुंचेगा। मंदिर के पुजारी गोविंद पाढ़ी और समिति के समन्वयक केके बेहरा ने बताया कि महाप्रभु की सेवा में भक्त कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मौसी मां के घर वे खूब आनंदित हैं। अब वापसी को लेकर तैयारी है।
छेरा पहरा करेंगे सुबुद्धि
बहुड़ा यात्रा में छेरा पहरा की परंपरा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल अभियंता समन्वयक एमके सुबुद्धि करेंगे। बताया गया कि भगवान जगन्नाथ अभी मौसी के घर मीठे व्यंजन और पकवानों का आनंद उठा रहे हैं। मौसी के घर से वापस जाने से पहले लक्ष्मी जी के लिए ढेर सारे मिठाइयों का आर्डर भी हो चुका है। नए-नए वस्त्र और आभूषण भी लेकर जाएंगे, ताकि उन्हें जल्दी मना सकें।






