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छत्तीसगढ़ के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे पर चढ़ा सियासी पारा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद आक्रामक हुई भाजपा अब विधानसभा चुनाव की तैयारी में उतर गई है। भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी से जब मीडिया ने सवाल किया कि चुनाव में भाजपा का चेहरा कौन होगा और पार्टी किन मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी। इस पर पुरंदेश्वरी ने बिना कोई देर किए जवाब दिया कि पार्टी 2023 के चुनाव में विकास के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी। 2023 का चेहरा कौन होगा, ये हम पार्टी स्तर पर तय करेंगे।

पुरंदेश्वरी के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने भाजपा के पास मुख्यमंत्री का कोई चेहरा नहीं है। भाजपा की दो दिन चली बैठक और प्रभारी पुरंदेश्वरी के बयान से साफ हो गया कि सीएम बघेल के व्यक्तित्व और कांग्रेस सरकार की योजनाओं का कोई तोड़ नहीं खोज पाने के लिए विपक्षी दल के नेता बेचैन हैं।

भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में रविवार को पत्रकारों से चर्चा में डी पुरंदेश्वरी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में छत्तीसगढ़ के सांसदों की अनदेखी पर कहा कि राज्य से मंत्री होगा, तभी राज्य को फायदा मिलेगा, यह सोच ठीक नहीं। छत्तीसगढ़ के साथ केंद्र की सरकार कभी अन्याय नहीं करती। यहां जो तय फंड हैं, मिलते हैं। यहां किसानों को जो फायदा देना है, केंद्र की सरकार देती है। केंद्र सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार में ओबीसी वर्ग और महिलाओं को प्राथमिकता दी है। पुरंदेश्वरी ने कहा कि जो खुद अपने पार्टी के सहयोगी के साथ न्याय नहीं कर सकते, वह दूसरों के साथ कैसे न्याय कर पाएंगे। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा था कि ढाई साल बाद नेतृत्व बदलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। खाद की कमी को लेकर केंद्र पर राज्य सवाल उठाता है, लेकिन राज्य ने ठीक तरह से केंद्र से डिमांड नहीं की

चुनावी वादों से मुकरी भूपेश सरकार: पुरंदेश्वरी

पुरंदेश्वरी ने कहा कि चुनाव के दौरान युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने वादाखिलाफी की। युवाओं को रोजगार नहीं दिया। युवाओं के साथ धोखा किया। गरीबों को आवास देने का वादा किया था, लेकिन सात लाख घर नहीं बनाए जा सके। गरीबों के साथ भूपेश सरकार ने धोखा किया। सरकार महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे सकी। राज्य में दुष्कर्म के मामले बढ़े हैं। राज्य में मतांतरण के मामले आदिवासी इलाकों में बढ़े हैं।

राज्य के भाजपा नेताओं को योग्य नहीं मानता केंद्रीय संगठन: कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा की प्रदेश प्रभारी पुरंदेश्वरी का बयान राज्य के भाजपा नेताओं के लिए दुर्भाग्यजनक और अपमानजनक है। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व छत्तीसगढ़ में किसी नेता को इस योग्य मानता ही नहीं है कि उसे कमान दे या फिर मंत्री बनाया जाए। प्रदेश के नेताओं पर अविश्वास बहुत ही दुख और चिंता का विषय है। यह भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के छत्तीसगढ़ के प्रति नजरिए को स्पष्ट उजागार करता है। आगामी 20-25 वर्षों तक भाजपा की छत्तीसगढ़ में कोई संभावनाएं नहीं है। छत्तीसगढ़ के लोग भाजपा की केंद्र सरकार के छत्तीसगढ़ विरोधी, गरीब विरोधी, किसान विरोधी, मजदूर विरोधी चरित्र को अब समझ चुके हैं।

रमन के चंगुल से बाहर निकलना चाहती है भाजपा: सुशील

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की प्रभारी के बयान से साफ हो रहा कि वे रमन सिंह के चंगुल से भाजपा को निकालने को बेचैन हैं। भाजपा संगठन कांग्रेस सरकार के आधे कार्यकाल में ही समर्पण की मुद्रा में आ गई है। पुरंदेश्वरी नेताविहीन भाजपा को उस विकास के मुद्दे पर चुनाव में ले जाने की बात कर रहीं हैं, जिसे जनता ने 2018 में नकार दिया है। पुरंदेश्वरी को भाजपा सरकार के दौरान कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की नीयत से बनाई गई अट्टालिकाओं में विकास नजर आता है। उन्हें नई राजधानी के 14 हजार करोड़ का फिजूल निर्माण, स्काई वाक, एक्सप्रेस-वे जैसे भ्रष्टाचारों में विकास दिख रहा है। वे एक बार फिर से इनको जनता की अदालत में आजमा कर देख लें।

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