ब्रेकिंग
ILBS का 'लिवर मिशन': दिल्ली मॉडल से होगा हर नागरिक का फ्री चेकअप, सरकार ने खोला मदद का पिटारा कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें: किसान आंदोलन पर टिप्पणी मामले में कल बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश मराठी कार्ड पर छिड़ा घमासान! भाजपा अध्यक्ष बोले- भाषा के नाम पर जहर न घोलें, वोटिंग से पहले सियासी प... मिसाइल से लेकर माइंडसेट तक... सेना प्रमुख ने समझाया क्या है 'शौर्य संप्रवाह', दुश्मनों के लिए बजाई ख... सावधान! उत्तर भारत में जारी है 'कोल्ड वेव' का कहर; रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी, जानें मौसम विभाग की नई चे... प्रयागराज माघ मेला: श्रद्धालुओं के बीच मची चीख-पुकार, दूसरे दिन भी भड़की आग; आखिर कहाँ है सुरक्षा इं... तनाव के बीच तेहरान से आया राहत भरा मैसेज: 'टेंशन मत लेना...', जानें ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का ... शमशान से घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गया परिवार! सीकर में भीषण हादसा, एक साथ उठीं 6 अर्थियां राणा बलचौरिया मर्डर केस में SSP मोहाली के बड़े खुलासे, गिरफ्तार शूटरों ने बताए चौंकाने वाले सच घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच खुले पंजाब के स्कूल, अभिभावकों ने उठाई छुट्टियां बढ़ाने की मांग
विदेश

अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट पर राकेट से हमला, अफगान सुरक्षा बलों के साथ युद्ध जारी

कंधार। अफगानिस्तान से अमेरिकी सेनाओं की वापसी के बाद तालिबान अपने हमले बढ़ाता जा रहा है। इस बीच न्यूज एजेंसी AFP ने खबर दी है कि कंधार एयरपोर्ट पर रॉकेट अटैक हुआ है। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। तालिबान के लड़ाकों ने कंधार को चारों ओर से घेर लिया है और वर्तमान में शहर में अफगान सुरक्षा बलों के साथ युद्ध जारी है। एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने रविवार को समाचार एजेंसी एएफपी से बात करते हुए बताया कि देर रात कम से कम तीन रॉकेट दक्षिणी अफगानिस्तान में स्थित कंधार एयरपोर्ट पर आकर गिरे।

अफगान सुरक्षा बलों और तालिबानी लड़ाकों के बीच जंग जारी

तालिबान ने अफगानिस्तान के बड़े हिस्से पर कब्जा जमाने के लिए अपने अभियान को तेज कर दिया है। देश के अधिकतर हिस्से में अफगान सुरक्षा बलों और तालिबानी लड़ाकों के बीच जंग जारी है। कंधार एयरपोर्ट प्रमुख मसूद पश्तून ने एएफपी को बताया कि कल रात हवाई अड्डे पर तीन रॉकेट दागे गए और उनमें से दो रनवे से टकरा गए। इस वजह से एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद कर दी गई हैं। ये हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब तालिबान के लड़ाकों ने हेरात, लश्कर गाह और कंधार को चारों ओर से घेर लिया है। सितंबर तक विदेशी बलों की वापसी के ऐलान के बाद से ही तालिबान ने देश के ग्रामीण इलाकों में जबरदस्त बढ़त हासिल की है।

कंधार के तालिबान के हाथों में जाने का खतरा

वहीं, कंधार के एक सांसद ने बताया कि कंधार के तालिबान के हाथों में जाने का खतरा मंडराने लगा है। यहां पर तालिबान के लड़ाके घुस चुके हैं और सुरक्षा बलों के साथ लगातार जंग लड़ रहे हैं। अभी तक युद्ध की वजह से कंधार से करीब 10 हजार लोग विस्थापित हो चुके हैं। इन लोगों ने पाकिस्तान, ईरान जैसे मुल्कों में जाकर शरण ली है। दरअसल, तालिबान कंधार पर इसलिए भी कब्जा जमाना चाहता है, ताकि इसे संगठन की अस्थायी राजधानी बनाई जा सके। बता दें कि तालिबान का जन्म कंधार में ही हुआ था।

Related Articles

Back to top button