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आदिवासियों के लिए सरकार ने खोला योजनाओं का पिटारा

बिलासपुर: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर वनवासियों और आदिवासियांे के लिए राज्य सरकार ने योजनाओं का पिटारा खोल दिया। वर्षों से लंबित उन योजनाओं को आदिवासियों के हवाले किया गया जिनकी उनको जरूरत थी। वन अधिकार पत्र से लेकर सामुदायिक अधिकार पत्र का भी वितरण किया गया। प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में विशेष समारोह का आयोजन कर योजनाओं का लाभ वनवासी व आदिवासियों को दिया गया। इस अवसर पर सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियांे की मौजूदगी भी रही।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने सत्ता और संगठन से जुड़े दिग्गजों को कार्यक्रमों में उपस्थिति दर्ज कराने और सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए थे। इसका असर भी दिखाई दिया। सोमवार को कलेक्टोरेट परिसर स्थित मंथन सभाकक्ष में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर जिले में 37 वन अधिकार पत्रों का वितरण किया गया। आदिवासी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल जुड़े हुए थे। राजधानी के अलावा प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम में वे वर्चुअली शामिल हुए। प्रदेश के सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों एवं हितग्राहियों से मुख्यमंत्री बघेल वर्चुअली रूबरू हुए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 21 प्रतिशत आबादी आदिवासी वर्ग की है। इनके स्वाभिमान की रक्षा किए बगैर छत्तीसगढ के स्वाभिमान की रक्षा नहीं की जा सकती।

राज्य में वन अधिकार कानून को प्रभावी तरीके से लागू किया गया है। अब नगरीय क्षेत्रों में भी वन संसाधन का अधिकार दिया गया है, जिससे आदिवासी समुदाय के लोग भी लाभान्वित होंगे। बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, आबकारी मंत्री कवासी लखमा, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल अपने विधानसभा क्षेत्रों से समारोह में वर्चुअली शामिल हुए।

बिलासपुर जिला मुख्यालय में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टोरेट परिसर स्थित मंथन सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में 70.364 हेक्टयर के 10 सामुदायिक वन अधिकार पत्र, 2178.149 हेक्टेयर के 17 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र और आदिवासी समुदाय के 10 हितग्राहियों को 1.336 हेक्टेयर के व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित किए गए।

इस अवसर पर कलेक्टर डा सारांश मितर, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान, महापौर रामशरण यादव, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रमोद नायक, कोटा विधानसभा क्षेत्र की विधायक डा रेणु जोगी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हैरीश एस एवं अन्य अधिकारी तथा हितग्राही उपस्थित थे।

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