ब्रेकिंग
शहडोल हादसा: निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, 3 मजदूर घायल; 2 की हालत गंभीर दतिया में भाजपा की मुसीबत: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उपजे विरोध और डैमेज कंट्रोल की रणनीति इंदौर में 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026': सीएम मोहन यादव बोले- वर्ष 2027 होगा युवा शक्ति को समर... बाबा महाकाल के खजाने का सच: करोड़ों की संपत्ति, बेशकीमती जमीन और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा की समर्थकों से शांति की अपील, कहा- 'पार्टी का फैसला सर्वोपरि' Vietnam Boat Accident: वियतनाम में भारतीय पर्यटकों के साथ बड़ा हादसा, बचाव अभियान जारी नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने पर कैलाश विजयवर्गीय की दो टूक, कहा- आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंग... दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भाजपा में घमासान, समर्थकों का प्रदर्शन और पथराव MP Crime News: लवकुशनगर में 8वीं के छात्र के साथ कुकर्म, आरोपी सरकारी कर्मचारी सलाखों के पीछे मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर चढ़कर युवक ने कोतवाल को दी वर्दी उतरवाने की धमकी, वीडियो व...
विदेश

तालिबान का अर्थ है सपनों का टूटना, सब कुछ खत्‍म होना, एक अफगानी महिला की जुबानी जानें दर्द

काबुल। तालिबान के अफगानिस्‍तान पर कब्‍जे के बाद विश्‍व बिरादरी को सबसे बड़ा डर वहां मौजूद महिलाओं को लेकर लग रहा है। हालांकि, तालिबान कह रहा है कि वो महिलाओं को इस्‍लामिक कानूनों के दायरे में रखते हुए सभी अधिकार देने पर राजी है। वहीं तालिबान ने महिलाओं को काम करने की भी छूट देने की घोषणा की है। इतना ही नहीं तालिबान ने कहा है कि वो उनकी सरकार तक में शामिल हो सकती हैं। लेकिन, वहीं दूसरी तरफ तालिबान की इन घोषणाओं को अफगान महिलाएं महज दिखावा बता रही हैं।

अफगानिस्‍तान में एजूकेशन एक्टिविस्‍ट पश्‍ताना जलमई खान दुरानी भी इनमें से ही एक हैं। वो लर्न अफगान की एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर हैं। 23 वर्षीय पश्‍ताना का कहना है कि वो तालिबानियों के वादों और उनके दिए गए बयानों को लेकर काफी सजग हैं। उनके मुताबिक तालिबान बात करने के लिए निकलना चाहते हैं, लेकिन, अब तक ऐसा हुआ नहीं है। कई अफगानी महिलाएं तालिबान के डर की वजह से देश छोड़ चुकी हैं और कई इसको लेकर प्रयासरत हैं। कई महिलाओं की नौकरी या तो चली गई है या जाने वाली है। बता दें कि कंधार में रहने वाली पश्‍ताना के प्रांत पर तालिबान ने पिछले सप्‍ताह ही कब्‍जा किया था।

तालिबान यहां पर गरीब लड़कियों की शिक्षा को लेकर काम करती हैं। कंधार पर कब्‍जे के बाद पश्‍ताना पर घर में रहने के लिए तालिबान ने दबाव डाला था। उनका कहना है कि तालिबान का अर्थ है आपके सपनों का टूटना, आपके लक्ष्‍यों और एंबीशन समेत सब चीजों का खत्‍म हो जाना। एक टीवी को दिए इंटरव्‍यू में उन्‍होंने कहा कि तालिबान के अफगानिस्‍तान के कब्‍जे के बाद वो पूरी तरह से टूट गई हैं और निराश हैं। उन्‍होंने इसको सबसे बड़ी क्षति बताया है। उन्‍होंने ये भी कहा कि वो नहीं जानती हैं कि उनके ने लोग कहां पर है और ये सब कब और कैसे खत्‍म होगा।

उन्‍होंने बताया कि तालिबान के कब्‍जे के बाद कई लोग अपना घर छोड़कर जा चुके हैं। जो लोग यहां पर बचे हैं उनकी सोच तालिबान को लेकर वही है जो उनकी है। उन्‍होंने अशरफ गनी की भी तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि ऐसे लोगों पर शर्म आती है जो लोग आवाम की हिफाजत की बात करते थे।

Related Articles

Back to top button