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कैप्टन अमरिंदर ने दिखाई ताकत, डिनर में जुटे 58 विधायक, बागी मंत्री दिल्‍ली में डटे

चंडीगढ़। Punjab Congress Crisis: पंजाब कांग्रेस में चार मंत्रियों और कई विधायकों की बगावत के बाद खींचतान चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह काे हटाने की मुहिम में जुटे तीन कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पंजाब कांग्रेस के महासचिव परगट सिंह अपने समर्थक विधायकों के साथ दिल्ली में डट गए हैं।  दूसरी ओर, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी ताकत दिखाई है। कैप्‍टन अमरिंदर के समर्थन में कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी द्वारा दिए गए डिनर में नौ मंत्री समेत करीब 58 विधायक और आठ सांसद पहुंचे।

डिनर का आयोजन करने वाले राणा सोढ़ी के अलावा मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा, मनप्रीत बादल, साधू सिंह धर्मसोत, अरुणा चौधरी, गुरप्रीत कांगड़, बलबीर सिंह सिद्धू, विजय इंदर सिंगला व सुंदर शाम अरोड़ा सहित सांसद परनीत कौर, मो. सदीक, गुरजीत सिंह औजला व राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा भी इस दौरान मौजूद रहे

कैप्टन ने नवजोत सिंह सिद्धू कैंप और हाईकमान को दिखाई ताकत

मंत्री सोढ़ी की ओर से ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने दावा किया कि डिनर में 58 विधायक-मंत्री और आठ सांसद शामिल हुए। सबने विश्वास जताया कि 2022 में कांग्रेस कैप्टन के नेतृत्व में चुनाव जीतेगी।

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ट्वीट कर किया दावा, 58 विधायक-मंत्री और आठ सांसद रहे

इस डिनर का आयोजन चार कैबिनेट मंत्री और करीब दो दर्जन विधायकों की मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत के बीच किया गया। कैप्टन का विरोध करने वाले चर मंत्रियों से तीन अपने समर्थक विधायकों के साथ दिल्ली में डट गए है। वे आलाकमान से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं। वहीं, कैप्टन ने अपने समर्थन में इतनी बड़ी संख्या में विधायकों व सांसदों को जुटा कर न सिर्फ विरोधियों बल्कि पार्टी हाईकमान को भी अपनी ताकत दिखाई है।

अहम बात यह भी है कि इस डिनर में कुलदीप वैद्य, सुखजीत सिंह लोहगढ़, कुशलदीप ढिल्लों समेत कई ऐसे विधायक भी शामिल हुए जो कैप्टन के खिलाफ हुई बैठक में शामिल थे। वहीं, कैप्टन के विरोध में झंडा बुलंद करने वाले मंत्री और विधायक वीरवार को निजी वाहन से दिल्ली गए और किसी निजी स्थान पर ही रुके हैं

अहम पहलू यह है कि कैप्टन के विरोध में भले ही चार मंत्री हों लेकिन मुख्यमंत्री के साथ नौ कैबिनेट मंत्री  ब्रह्म मोहिंद्रा, मनप्रीत बादल, साधू सिंह धर्मसोत, अरुणा चौधरी, गुरप्रीत कांगड़, बलबीर सिंह सिद्धू, विजय इंदर सिंगला, सुंदर शाम अरोड़ा आदि शामिल हुए। राणा सोढ़ी ने इस डिनर का आयोजन किया था। कैप्टन ने अपनी ताकत तब दिखाई जब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश रावत देहरादून से दिल्ली पहुंच गए हैं।

रावत आज पार्टी हाईकमान को मिलकर बताएंगे वस्तुस्थिति

रावत की शुक्रवार को राहुल गांधी से मुलाकात हो सकती है। इस मुलाकात के दौरान रावत पंजाब की स्थिति को लेकर राहुल को अवगत करवाएं। बुधवार को चार मंत्री जिसमें रंधावा, बाजवा, सरकारिया जिसमें चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल ने देहरादून में रावत से मुलाकात की थी। संभावना यह भी है कि मुलाकात के दौरान वह पंजाब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पद से स्वयं को मुक्त करने की इच्छा भी जता दें। क्योंकि, पार्टी ने उन्हें उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया है और वह उत्तराखंड में पूरा वक्त देना चाहते हैं।

वहीं, राणा सोढी ने कहा कि इस डिनर में हमख्याल लोगों को न्योता दिया गया था। यह कांग्रेस को मजबूत करेगी और 2022 में कैप्टन के नेतृत्व में कांग्रेस के विजय की राह को प्रशस्त करेगी। राणा सोढ़ी ने दावा किया डिनर में 55 से अधिक विधायकों ने हिस्सा लिया। अहम बात यह है कि डिनर में प्रदेश प्रधान व विधायक नवजोत सिंह सिद्धू समेत उनके समर्थक विधायकों को नहीं बुलाया गया था।

बिजली समझौतों को रद करने का मुद्दा उठाया सिद्धू ने

एक तरफ कैप्टन की ओर से डिनर का आयोजन कर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की जा रही थी, उसी समय कांग्रेस के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने निजी थर्मल प्लांटों से हुए समझौतों को रद करने का मुद्दा उठाया। सिद्धू ने अपने ट्वीट में  कैप्टन अमरिंदर सिंह की तीन अलग-अलग वीडियो की क्लिप शेयर कर तीन रूपये यूनिट घरेलू बिजली और पांच रुपये यूनिट इंडस्ट्री को बिजली का मुद्दा उठाया। वहीं, सिद्धू ने लिखा कि निजी थर्मल प्लांटों के साथ हुए समझौते रद किए जाए।

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