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केंद्र को सौंपे जाएंगे दिल्ली नगर निगम के अस्पताल! स्थायी समिति की बैठक में आ सकता है प्रस्ताव

नई दिल्ली। खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहे उत्तरी दिल्ली नगर निगम छह अस्पताल एवं एक मेडिकल कालेज को केंद्र सरकार को सौंप सकता है। इस संबंध में निगम की अगामी स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव आ सकता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने निगम कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए निगम को निर्देश दिया था कि वह अस्पतालों को केंद्र सरकार या राज्य की सरकार को सौंपने पर निर्णय ले। हालांकि दिल्ली सरकार ने भी स्वयं निगम को यह प्रस्ताव दिया था, लेकिन निगम अब केंद्र सरकार को सौंपने का फैसला ले सकता है। निगम द्वारा जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसमें फिलहाल केंद्र सरकार को ही इन अस्पतालों को सौंपने की बात है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2018 में तत्कालीन निगमायुक्त मधुप व्यास इस प्रस्ताव को स्थायी समिति में लेकर आए थे। जिसमें उन्होंने तर्क दिया था कि निगम कर्मचारियों का समय से वेतन देना बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसे में निगम इन अस्पतालों को अगर केंद्र को सौंप देगा तो इन अस्पतालों पर होने वाला खर्च कम होगा। निगमायुक्त ने बताया था कि निगम बजट का 60 फीसद हिस्सा इन अस्पतालों के संचालन पर ही खर्च हो रहा है।

अगर, यह अस्पताल केंद्र के पास चले जाते हैं तो निगम से आर्थिक संकट को खत्म किया जा सकता है। हालांकि तत्कालीन स्थायी समिति के तत्कालीन अध्यक्ष तिलकराज कटारिया ने इस प्रस्ताव को वापस निगमायुक्त को भेज दिया था। कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे पर एक याचिका की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने निगम को दिल्ली सरकार या केंद्र सरकार को इन अस्पतालों को सौंपने पर निर्णय लेने का आदेश जुलाई माह में दिया था। इन अस्पतालों में पांच हजार डाक्टर एवं कर्मी कार्यरत हैं।

स्थायी समिति, उत्तरी निगम के अध्यक्ष जोगीराम जैन ने बताया कि विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया है अभी फिलहाल हम इसका अध्ययन कर रहे हैं। जो भी फैसला होगा स्थायी समिति की बैठक में लिया जाएगा।

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