ब्रेकिंग
दिव्यांग विवाह समारोह में व्हील चेयर पर दुल्हन, दूल्हे के साथ लिए फेरे…भावुक हुए लोग पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड से बंद हुई सुरंग… अंदर फंस गए 19 मजदूर, अब तक 8 को बचाया केंद्र सरकार राज्य के सभी 60,000 करोड़ रुपये के फंड जारी करे : भगवंत मान ने प्रधानमंत्री से की अपील बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 14936 लोगों को सुरक्षित निकाला गया : हरदीप सिंह मुंडियां पीएम मोदी ने किया हैदराबाद लिबरेशन डे का जिक्र, बताए निजाम और रजाकरों के अत्याचार महाराष्ट्र मराठा आरक्षण: कल से पानी भी छोड़ देंगे मनोज जरांगे पाटिल, समर्थकों से बोले- किसी से रेनको... दिल्ली: ‘साबुन, ऑल आउट, स्प्रे…’ फैक्ट्री में बन रहे थे नकली प्रोडक्ट, इन्हें मिला था सप्लाई का जिम्... लखनऊ: धमाके से आधा मकान तबाह, हर तरफ धुआं और लपटें…जिंदा जल गया फैक्ट्री मालिक आलम का परिवार; बेहटा ... दो ब्रेन सर्जरी के बाद भी सद्गुरु ने बाइक से पूरी की कैलाश यात्रा, 18 हजार फीट ऊंचाई तक गए, बताई योग... ओडिशा में 1,396 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने पोर्श, बीएमडब्ल्यू और आभूषण जब्त किए
देश

इस मुस्लिम देश ने समुद्र की गहराइयों में खोजा हजारों साल पुराना मंदिर

नई दिल्ली: मिश्र (इजिप्ट) भले ही आज एक मुस्लिम देश है लेकिन आज से हजारों साल पहले उसकी पहचान मंदिरों के देश के तौर पर हुआ करती थी। पुरातत्वविदों को हाल ही मिले एक मंदिर से यह बात सिद्ध भी होती है। दरअसल दुनिया की सबसे पुरानी संस्कृतियों में से एक मिश्र के सबसे पुराने शहर हेराक्लिओन में लगभग 1200 साल पुराना एक मंदिर मिला है। समुद्र की गहराइयों में मिला यह मंदिर प्राचीन शैली में बना हुआ है। इस मंदिर की खोज मिश्र तथा यूरोप के पुरातत्वविदों ने की है।

पुरात्वविदों के अनुसार मंदिर काफी बिखरा हुआ है। उन्हें मंदिर के पिलर और मिट्टी के बर्तन ,तांबे के सिक्के और ज्वैलरी भी मिली है। पुरातत्वविदों ने बताया कि मंदिर जिस उत्तरी हिस्से में मिला है उसे मिश्र का अटलांटिस कहा जाता है। पुरातत्वविदों के अनुसार लगभग हजार साल पहले ये मंदिर समंदर में डूब गया था। मंदिर तीसरी और चौथी शताब्दी का बताया जा रहा है। मंदिर के साथ डूबी हुई नावों से मिले तांबे के सिक्के राजा क्लाडियस टॉलमी द्वितिय के कार्यकाल के हैं। मंदिर की खोज करने वाली पुरातत्वविदों की टीम को समुद्र की तलहटी में हजारों साल पुराने जहाज भी मिले हैं। इसमें हथियार, क्रॉकरी, सिक्के और ज्वैलरी से भरा बर्तन पाया गया है।

इतिहासकारों ने बताया कि हेराक्लिओन में हजारों साल पहले आई सुनामी के कारण शहर पूरी तरह से बर्बाद हो गया। इस शहर को इजिप्ट की आर्थिक राजधानी के तौर पर विकसित किया गया था। राजा क्लाडियस टॉलमी द्वितीय के शासनकाल के दौरान ये शहर विकास की बुलंदियों पर था। टॉलमी एक बेहतर राजा के साथ—साथ ज्योतिष विद्या में भी निपुण थे। टॉलमी ने ही इजिप्टियन कैलेंडर के लिए पृथ्वी के एक चक्कर लगाने में चन्द्रमा को जो समय लगता है उसका निर्धारण किया था। उन्होंने प्रकाश के नियम पर भी कई इजिप्टियन सिद्धांत दिए। टॉलमी द्वितीय ने भूगोल और विज्ञान के क्षेत्र में अहम योगदान दिए। वर्तमान में इस शहर को अबू-किर खाड़ी के नाम से जाना जाता है। उनका जन्म टॉलेमस सरसी के पेलुसियम मे हुआ था। अपने शासन काल के दौरान उन्होंने इजिप्ट में कई मंदिर बनवाए। उन्हें हेराक्लिओन शहर का निर्माता कहा जाता है। टॉलमी ने इस शहर की पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button