PM मोदी ने किया रक्षा मंत्रालय के नए दफ्तरों का उद्घाटन, आलोचकों पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रक्षा मंत्रालय के दो नए कार्यालय परिसरों का आज उद्घाटन किया। रक्षा मंत्रालय के ये कार्यालय परिसर चाणक्यपुरी के निकट अफ्रीका एवेन्यू और कस्तूरबा गांधी मार्ग पर बनाए गए हैं। इन अत्याधुनिक कार्यालयों में सेना, नौसेना और वायु सेना सहित रक्षा मंत्रालय तथा सशस्त्र बलों के करीब सात हजार सैन्य अधिकारी और सिविल कर्मचारी काम करेंगे।
इस मौके पर मोदी ने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के पीछे डंडा लेकर पड़े थे, वे इन प्रोजेक्ट पर बिल्कुल चुप रहते थे। जो काम आजादी के तुरंत बाद होना चाहिए था, वह 2014 के बाद शुरू हुआ था। मोदी ने कहा कि पुराने दफ्तर काफी पुराने थे, जिनकी सिर्फ हल्की-फुलकी मरम्मत हो जाती थी। उन्होंने बताया कि मौजूदा ऑफिस जिस जगह हैं वह एक शताब्दी से पुराने हैं, जिनका बदला जाना जरूरी था। प्रधानमंत्री ने कहा कि डिफेंस ऑफिस कॉम्प्लेक्स का भी जो काम 24 महीने में पूरा होना था, वह सिर्फ 12 महीने के रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया। वो भी तब, जब कोरोना से बनी परिस्थितियों में लेबर से लेकर तमाम दूसरी चुनौतियां सामने थीं।
इस मौके पर रक्षा मंत्री, आवास और शहरी कार्य मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री, आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस)और सशस्त्र बलों के प्रमुख भी मौजूद थे। अभी ये कार्यालय वायु सेना भवन और सेना भवन के निकट बने हटमेंट्स में स्थित है। नए संसद भवन की सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत हटमेंट में स्थित इन कार्यालयों को हटाया जा रहा है और इनके स्थान पर सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत निर्माण कार्य किया जाएगा। नए कार्यालय परिसरों में करीब 27 कार्यालयों को स्थानांतरित किया जाएगा । इनके निर्माण पर करीब 745 सौ करोड़ रुपए की लागत आई है। परिसरों में लगभग डेढ़ हजार कारों के लिए पाकिर्ंग बनाई गई है। ये परिसर व्यापक सुरक्षा प्रबंधन के उपायों के साथ अत्याधुनिक और ऊर्जा कुशल हैं। इन भवनों के निर्माण में नई और टिकाऊ निर्माण तकनीक, एलजीएसएफ (लाइट गेज स्टील फ्रेम) का उपयोग किया गया है। इस तकनीक के कारण पारंपरिक आरसीसी निर्माण की तुलना में 24 से 30 महीने कम समय लगा है। भवन में कुशल हरित प्रौद्योगिकी के साथ पर्यावरण के अनुकूल निर्माण किया गया है।






