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केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: टैलीकॉम सैक्टर में 100% एफ.डी.आई. को मंजूरी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुधवार को बड़े फैसले लिए गए हैं। इस दौरान ऑटो, ऑटो कंपोनैंट, ड्रोन उत्पादन, आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना को लेकर बड़ी घोषणा की गई है।

सरकार ने टैलीकॉम सैक्टर में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ.डी.आई.) को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा फैसला लिया गया कि टैलीकॉम कंपनियों को स्पैक्ट्रम चार्जेज और सकल समायोजित राजस्व (ए.जी.आर.) बकाया को लेकर 4 सालों का मोराटोरियम दिया जाएगा। स्पैक्ट्रम शुल्क का भुगतान 30 साल में किया जा सकेगा। बिजनैस मॉडल में बदलाव होने के बाद स्पैक्ट्रम को सरैंडर किया जा सकता है, स्पैक्ट्रम शेयरिंग में कोई बंधन नहीं है। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने कुल 9 स्ट्रक्चरल व 5 प्रोसैस रिफॉर्म को मंजूरी दी है।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कैबिनेट बैठक में ऑटो और ऑटो कंपोनैंट सैक्टर, देश में ड्रोन के लिए भी पी.एल.आई. स्कीम को मंजूरी मिल गई है। वहीं टैलीकॉम सैक्टर के लिए राहत पैकेज मंजूर कर लिया गया है। भारत की जी.डी.पी. में ऑटो क्षेत्र की हिस्सेदारी 12 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य है, जो अभी 7.1 फीसदी है। इसको लेकर ऑटो सैक्टर के लिए 26,058 करोड़ का पैकेज दिया गया है।

इससे ऑटोमोबाइल सैक्टर को बूस्ट मिलेगा और 7.60 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इस फैसले से ऑटो सैक्टर में विदेशी निवेश बढऩे की भी उम्मीद है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि इससे भारत को ग्लोबल प्लेयर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस समय करीब 17 अरब डॉलर के कंपोनैंट विदेश से आते हैं, सरकार का उद्देश्य यह है कि इसे भारत में ही बनाया जाए। पी.एल.आई. स्कीम से आयात को कम करने में मदद मिलेगी।

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