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मनोहर पर्रिकर के बेटे ने टिकट के अपने दावे को एक बार फिर दोहराया, कहा- ना मिला तो लूंगा कड़ा फैसला

पणजी। अगले साल 2022 के शुरूआत में गोवा में विधानसभा के चुनाव होने हैं। गुरुवार को पूर्व रक्षा मंत्री व दिवंगत मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर ने पणजी विधानसभा सीट से टिकट के अपने दावे को एक बार फिर दोहराया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पणजी से टिकट नहीं दी गई तो उन्हें पार्टी के खिलाफ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।

उत्पल पर्रिकर ने पणजी में संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने पार्टी को सूचित कर दिया है कि मैं पणजी से चुनाव लड़ना चाहता हूं और मुझे विश्वास है कि मेरी पार्टी मुझे टिकट देगी।

यह पूछे जाने पर कि क्या टिकट नहीं मिलने पर वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, उत्पल ने कहा, ‘मैं अभी इस बारे में बात नहीं करना चाहता। मनोहर पर्रिकर को जीवन में कुछ भी आसानी से नहीं मिला और मुझे भी कड़ी मेहनत करनी होगी। मुझे कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। मैंने देवी से उस दिशा में शक्ति मांगी है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘पूरे गोवा में ऐसे कार्यकर्ता हैं जिन्हें भाई (उत्पल) में विश्वास है। मैं उनसे ताकत लूंगा। मैं लोगों की बात सुनूंगा। मैंने पार्टी से कहा है और पार्टी मुझे (टिकट) देगी। मुझे इस पर पूरा भरोसा है।’

बता दें कि उत्पल ने अपने जन्मदिन के अवसर पर राज्य की राजधानी के महालक्ष्मी मंदिर में कई समर्थकों और शुभचिंतकों से मुलाकात की। भाजपा ने हालांकि कहा है कि उन्हें पणजी से मैदान में उतारने का फैसला जमीनी रिपोर्ट का आकलन करने के बाद लिया जाएगा।

गौरतलब है कि उत्पल को 2019 में अपने पिता के निधन के बाद पणजी विधानसभा उपचुनाव टिकट पाने के लिए इत्तला दे दी गई थी, लेकिन उन्हें पर्रिकर के सहयोगी सिद्धार्थ कुनकालिनकर के पक्ष में दरकिनार कर दिया गया था। भाजपा के टिकट पर पणजी उपचुनाव लड़ने वाले कुनकालिनकर कांग्रेस के अतनासियो मोनसेरेट से चुनाव हार गए थे। बाद में मोनसेरेट भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।

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